
नर्मदापुरम / स्थानीय बिजली विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ताजा मामला विभाग द्वारा नियमों को ताक पर रखकर की गई बिजली कटौती और अवैध रूप से रुपयों की मांग का है।
क्या है पूरा मामला….
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 23 फरवरी 2026 को बिजली विभाग के दो कर्मचारी, जिनकी पहचान उमा शंकर यादव और अरुण शर्मा के रूप में हुई है, चेकिंग के नाम पर पहुंचे थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन कर्मचारियों ने ‘लोड जमा’ कराने के नाम पर सुमित मिश्रा और हेमंत से 3,000 रुपये की अवैध मांग की।
बिना नोटिस की कार्रवाई…..
उपभोक्ताओं द्वारा अवैध वसूली की मांग ठुकराने और यह स्पष्ट करने पर कि उनका बिजली बिल पूरी तरह जमा है, कर्मचारी आक्रोशित हो गए। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए, विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित नोटिस के बिजली कनेक्शन काट दिया। “जब हमारा बिल पूरा जमा था, तो बिजली काटने का क्या तुक है? हमसे जबरन पैसों की मांग की गई और मना करने पर अंधेरे में रहने को मजबूर कर दिया गया।” – पीड़ित उपभोक्ता
नियमों का उल्लंघन….
विद्युत अधिनियम के अनुसार, किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले उसे निर्धारित समय का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य है। इस मामले में बिना नोटिस और भुगतान के बावजूद कार्रवाई करना विभाग की छवि को धूमिल कर रहा है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष है और उन्होंने उच्चाधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

