
नर्मदापुरम / जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नर्मदापुरम द्वारा जिला दंडाधिकारी श्रीमती सोनिया मीना के नेतृत्व में दिनांक 10 मार्च 2026 को बाढ़ आपदा एवं बचाव कार्यशाला एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सभागृह, कलेक्टर कार्यालय नर्मदापुरम में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संकट मोचन बल सेफ्टी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, मुंबई (महाराष्ट्र) से आए हुए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को बाढ़ आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान राहत प्रभारी श्रीमती बविता राठौर की उपस्थिति में प्रतिभागियों को बाढ़ आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन, प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक राहत व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण में संकट मोचन बल सेफ्टी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की ओर से बाढ़ आपदा एवं बचाव विषय विशेषज्ञ श्री मोहम्मद इमरान अहमद (पूर्व नेवी पेटी ऑफिसर) उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन उनकी देखरेख में ट्रेनिंग मैनेजर श्री मोहम्मद इमरान अहमद के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर श्री इच्छान्सु बाजपेई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रशिक्षण देने वाले सीनियर ट्रेनर विनय पारंगे एवं द्वितीय सीनियर ट्रेनर देविदास पाटिल द्वारा प्रतिभागियों को आपदा बचाव से संबंधित विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला नर्मदापुरम में संभावित बाढ़ आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन, नेतृत्व क्षमता का विकास तथा आपदा से होने वाली जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है। कार्यक्रम में शामिल सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, एचडीआरएफ के प्लाटून कमांडर एवं अन्य प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण के उपरांत प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक रेस्क्यू किट भी प्रदान की गई, जिससे आपदा की स्थिति में वे प्रभावी रूप से राहत एवं बचाव कार्य कर सकें। कार्यशाला में नर्मदापुरम जिले के एसडीआरएफ जवान, एचडीआरएफ के प्लाटून कमांडर, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स तथा कलेक्टर कार्यालय नर्मदापुरम के अधिकारीगण उपस्थित रहे और प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से सहभागिता की। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में आपदा प्रबंधन एवं आपदा से निपटने की क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

