नर्मदापुरम / पूरे देश भर में सहारा इंडिया ने अपने निवेशकों का पैसा जो अवधि पूर्ण होने के बाद भी नहीं लौटाया हैं। जिसके लिए समय-समय पर देशव्यापी प्रदर्शन भी हुए हैं, पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। आखिर सहारा इंडिया की जो संपत्ति है वह सब गरीब निवेशकों की खून पसीने की कमाई से बनी है, जिसे उन्हें लौटना होगा। बता दे की कई लोग ने अपना पैसा बैंकों में नहीं रखकर सहारा इंडिया के एजेंटों के द्वारा सहारा इंडिया कंपनी में जमा किये थे और जिनकी समय अवधि भी पूर्ण हो चुकी है। भुगतान के लिए भारत सरकार द्वारा एक पोर्टल भी बनाया गया है। लेकिन उस पोर्टल पर सिर्फ ₹50,000 का ही भुगतान हो पा रहा है, भले ही किसी के लाखों रुपए क्यों न जमा हो। आखिर यह लॉलीपॉप क्यों दिया जा रहा है, सर्वप्रथम तो केंद्रीय सरकार को भी इस और ध्यान देना चाहिए। जबकि उक्त मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भी परिवाद चल रहे हैं, इसके बाद भी कोई रिजल्ट नहीं निकलता दिख रहा है। नर्मदा पुरम के जिला अध्यक्ष राजीव गौर ने बताया कि कई निवेशकों ने अपने लाखों रुपए सहारा इंडिया में निवेश किए थे, जब उनके यहां जिसकी वजह से वह अपने घरों का कोई भी बड़ा काम नहीं कर पा रहे हैं जिनके यहां शादी निकली है, वह अपने पैसों मिलने का आज भी इंतजार कर रहे हैं। संयुक्त ऑल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा द्वारा 9 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन आयोजित किया जा रहा है, यह आंदोलन सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार सहारा रिफंड पोर्टल के खिलाफ है। भूख हड़ताल के बाद भी कोई पेमेंट नहीं मिलता है तो चक्का जाम भी किया जाएगा। उक्त आंदोलन में अभयदेव शुक्ल राष्ट्रीय अध्यक्ष, वीरेंद्र सिंह सोलंकी प्रदेश अध्यक्ष, सतीश चतुर्वेदी प्रदेश संगठन प्रभारी एवं नर्मदापुरम से जिला अध्यक्ष राजीव गौर एवं अन्य कार्यकर्ता भी शामिल रहेंगे।

