


इटारसी / 1 फरवरी से बंद पुराने बस स्टैंड की समस्या को लेकर बस मालिक कंडक्टर और ड्राइवर पहुंचे थे। बस स्टैंड के पास दुकानदारों के साथ गजानन तिवारी के निवास पर लगाई थी मदद की गुहार। श्री तिवारी ने एसडीएम, आरटीओ सहित कमिश्नर को ज्ञापन दिया। सभी के साथ मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाई। कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। जिसके बाद एक बैठक रेस्ट हाउस में कोई धरने की घोषणा होने के बाद की। एसडीएम ने कहा कि मांगे मान ली जाएगी और बस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिर 20 दिन के संघर्ष के बाद से प्रारंभ हुई भूख हड़ताल। जिससे शासन प्रशासन ने उनकी मांगे स्वीकार करके बस का संचालन शुरू कर दिया और फोन पर एसडीएम ने तिवारी को बताया कि आपका ज्ञापन में जो आपकी मांगे थी उसी अनुसार हमने बस का संचालन चालू कर दिया है, आप अपना अनशन तोड़ दें तो तिवारी ने कहा कि मैं जिनके लिए लड़ाई लड़ रहा था उन्हीं के हाथों अपना अनशन तोडूंगा
तभी बड़ी संख्या में बस के मालिक बस के कंडक्टर और बस के ड्राइवर सहित बस स्टैंड के दुकानदार और व्यापारी संगठनों ने गजानन तिवारी का धरना स्थल जय स्तंभ चौक पर फूल माला पहनकर स्वागत किया धन्यवाद दिया और जूस पिलाकर किया तुड़वाया। अनशन और बस स्टैंड से आए सभी ने कहा कि आपने और आपके साथियों ने हमारी लड़ाई लड़ी और भूख हड़ताल कर आप डटे रहे, उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप भूख हड़ताल नहीं करते तो हमारी समस्याएं नहीं सुलझती। जिस पर तिवारी ने कहा कि यह समस्या कोई राजनीतिक नहीं थी। जन भावनाओं से जुड़ी थी इसके समर्थन में पूरा सेवादल और कांग्रेस परिवार आपके साथ खड़ा है। इटारसी शहर का हर नागरिक खड़ा है और तिवारी ने शासन प्रशासन सहित हर व्यक्ति का धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके साथ इस संघर्ष में इस समस्या को सुलझाने में सहयोग किया। क्योंकि समस्या ग्रामीण महिलाओं बच्चों स्कूल के छात्रों मजदूरों सहित बस मालिक और इटारसी के व्यापारियों की थी जो इटारसी में एकदम से भूचाल बनकर उभर गई थी। लेकिन अंत भला तो सब भला कहकर तिवारी ने सभी का अभिवादन किया, क्योंकि दिन भर बड़ी संख्या में भूख हड़ताल को सभी ने समर्थन दिया।

