
नर्मदापुरम / आचार्य सोमेश परसाईं के सान्निध्य मेँ आयोजित माँ नर्मदा परिक्रमा के सम्बन्ध मेँ आयोजित पत्रकारवार्ता मेँ आचार्य सोमेश परसाईं ने सम्बोधित करते हुए कहा कि संसार मेँ तप करने के लिए यदि कोई सर्वश्रेष्ठ स्थान है तो वो केवल माँ नर्मदा का तट है।
*जनचेतना*
आचार्य श्री ने बताया कि परिक्रमा का उद्देश्य केवल धर्मलाभ नहीं है अपितु परिक्रमा के माध्यम से यत्र तत्र सभी को माँ नर्मदा के शुद्धिकरण के लिए जागरूक करना भी है।
*पर्यावरण संरक्षण*
आचार्य श्री ने बताया सभी परिक्रमाकर्ता अपने साथ शुद्ध ताम्बे के सिक्के रखेंगे जो कि नित्य नर्मदा जी मेँ प्रवाहित किये जायेंगे। साथ कि नर्मदा जी के विभिन्न तटों पर पौधरोपण होगा, साथ ही वृक्षों के बीजों का भी सिंचन होगा।
*आध्यात्मिक चेतना*
आचार्य श्री ने बताया कि परिक्रमा लगभग 21 दिनों कि रहेगी जिसमे कार्यक्रम कि रूपरेखा धर्ममय है। जिसमें प्रातः ब्रह्म मुहूर्त मे उठने के बाद से धार्मिक अनुष्ठान प्रारम्भ हो जायेंगे। प्रातः श्लोक, संध्योपासना, हवन, रुद्राभिषेक एवं धर्म चर्चा होंगी। श्री परसाई ने बताया कि 20 तारीख को सेठानी घाट से सातरास्ते तक जो चल समारोह निकाला जाएगा, वह किसी भी ध्वनि प्रदूषण करने वाले साधनों के साथ नहीं निकाला जाएगा। सिर्फ रामधुन संगीत मण्डली के साथ ही चल समारोह निकाला जाएगा, जिससे आमजन में ध्वनि प्रदूषण को रोकने संदेश जन-जन तक जाए। आचार्य श्री के साथ नर्मदा परिक्रमा में सोहागपुर विधायक ठाकुर विजयपाल सिंह, पूर्व विधायक बुदनी राजेंद्र सिंह राजपूत, रिटायर्ड प्राचार्य डॉक्टर ओ एन चौबे सहित 100 लोग परिक्रमा यात्रा में शामिल होंगे।

