
सिवनी मालवा / हाल ही में संशोधित किए गए यूजीसी कानून के विरोध में शुक्रवार को सिवनी मालवा सवर्ण समाज के महिला, पुरुषों ने स्थानीय तहसील कार्यालय पहुचकर तहसीलदार नितिन कुमार झोड़ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा। जिसमें यूजीसी कानून में किए गए संशोधनों को वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन के विषय में अधिवक्ता अजीत सिंह राजपूत ने बताया कि हम समस्त सवर्ण समाज सिवनी मालवा जिला नर्मदापुरम के नागरिक आपके संज्ञान में यह विषय लाना चाहते हैं कि हाल ही में यूजीसी कानून में जो संशोधन/प्रावधान किए गए हैं। वे उच्च शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक संतुलन तथा समान अवसर की भावना के विपरीत प्रतीत होते हैं। यूजीसी कानून का मूल उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना रहा हैं। परंतु वर्तमान संशोधनों से ऐसा प्रतीत होता है कि शिक्षा के अधिकार एवं समान अवसर की भावना प्रभावित हो रही है। योग्यता (मेरिट) आधारित व्यवस्था को नुकसान पहुँच रहा है। सामाजिक समरसता व संतुलन बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हो रही है। छात्रों औऱ युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। सवर्ण समाज का मानना है कि किसी भी कानून या संशोधन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के हित में संतुलन बनाना होना चाहिए न कि किसी वर्ग विशेष के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न करना हैं। वर्तमान परिस्थितियों में यह संशोधन समाज में असंतोष, विभाजन, असमानता की भावना को बढ़ावा दे सकता हैं। जो राष्ट्रहित में नहीं है।
*यूजीसी कानून की समीक्षा करने की मांग*
ज्ञापन देने वाले सवर्ण समाज के लोगों ने राष्ट्रपति से मांग की हैं कि
यूजीसी कानून में किए गए संशोधनों की पुनः समीक्षा (रीव्यू) कराई जाए। समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विशेषज्ञों से विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। समानता, न्याय योग्यता, आधारित व्यवस्था को केंद्र में रखते हुए संशोधनों में आवश्यक परिवर्तन किए जाए। जब तक व्यापक सहमति न बन जाए। तब तक इन संशोधनों को निरस्त किया जाए।
*चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी*
ज्ञापन में कहा गया कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आप राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता एवं न्याय के सिद्धांतों को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। यदि जल्द इस विषय पर निर्णय नहीं किया जाता है तो सवर्ण समाज चरणबद्ध आन्दोलन करने पर बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में ब्राह्मण समाज कार्यकारी जिलाध्यक्ष विकास पाठक, अग्रवाल समाज अध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल, ब्राह्मण महिला संगठन अध्यक्ष ज्योति व्यास, माहेश्वरी महिला मंडल अध्यक्ष नीरू राठी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजेश मिश्रा, एम.एस.पाटनी, विकास रघुवंशी, नीरज चौहान, प्रदीप अग्रवाल, मनीष मोदी, शारद शास्त्री, राकेश अग्रवाल, कोदरसिंह मौर्य, अजय सिंह ठाकुर, युवराज ठाकुर, नितिन गुहा, राकेश मिश्रा, संदीप तंवर, विनोद रघुवंशी, रानू भार्गव, पंकज अग्रवाल, आशीष रघुवंशी, चंचल शास्त्री, सोनू पाठक, क्षमा शर्मा, रंजो पंचारिया, सविता राजवैद्य, कृतिका शर्मा, नेहा पाणिकर, कृष्णा राजपूत, सुनील चांद्रायण, प्रभास मुदगल, अवधेश मिश्रा आदि बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल थे।

