दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
शहर में गुरुवार को सवर्ण समाज यूजीसी के नए नियम के विरोध में रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन यूजीसी 2026 के नए नियमों के विरोध में दिया गया। स्वर्ण समाज के पदाधिकारी ने बताया कि यह नियम समाज शिक्षा-विरोधी, असमानता को बढ़ावा देने वाला तथा मेधावी छात्रों के भविष्य के लिए घातक है। यूजीसी के नए प्रावधानों से उच्च शिक्षा की स्वायत्तता समाप्त हो रही है। यह भेदभाव का कानून है। इस दौरान 4500 आवेदन भी सौंपे गए। बताया गया कि योग्यता और मेरिट को पीछे धकेला जा रहा है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अराजकता व असंतोष फैल रहा है तथा लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। बच्चों में वर्ग भेद की भावना भी आ रही है। विवादित नियमों को तत्काल वापस कराने के लिए राष्ट्रपति केंद्र सरकार को निर्देशित करें। यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो यह आंदोलन देशव्यापी रूप ले सकता है। सवर्ण समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी वर्ग के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा, समान अवसर और आने वाली ली पीढ़ियों के भविष्य का भी है। यह कानून बांटने वाला है इसे वापस लेना चाहिए।

