इटारसी / संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के प्रायोजन से मीनाक्षी महामाया जनकल्याण समिति द्वारा महावीरांगना रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर तीन दिवसीय भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस श्रृंखला के प्रथम दिन नर्मदापुरम इटारसी में आयोजित कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी एवं सफल रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद की सभापति गीता देवेंद्र पटेल एवं सभापति अमृता मनीष ठाकुर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों ने महावीरांगना अहिल्याबाई होलकर के त्याग, न्यायप्रिय शासन, सामाजिक सुधारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कार और इतिहास से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही देश की प्रसिद्ध कथक कलाकार लावण्या घोष की मनमोहक प्रस्तुति। उनकी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर भारतीय शास्त्रीय कला में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उनका सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। इसके साथ ही स्पीक मैके चैप्टर नर्मदापुरम इटारसी एवं ओडिसी नेत्रांगना के अंतर्गत लावण्या घोष ने मुस्कान संस्था के बच्चों को नृत्य की विभिन्न तकनीकें, भाव-भंगिमा एवं मंचीय आत्मविश्वास के महत्वपूर्ण टिप्स दिए तथा बच्चों के साथ खुलकर प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, नृत्य प्रस्तुतियाँ, नुक्कड़ नाटक, भजन-भक्ति गीत, श्रद्धांजलि कार्यक्रम एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने उपस्थित अभिभावकों व अतिथियों को अत्यंत प्रभावित किया। प्रथम दिन के समापन अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान स्पीक मैके – चैप्टर नर्मदापुरम इटारसी के अध्यक्ष सुनील बाजपेई का भी उनके शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि के साथ सराहा। कार्यक्रम में मुस्कान संस्था का विशेष सहयोग रहा। अंत में संस्था की अध्यक्ष माया मनोज सोलंकी द्वारा सभी अतिथियों, कलाकारों, निर्णायकों, बच्चों, अभिभावकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। महावीरांगना रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर आयोजित यह तीन दिवसीय आयोजन न केवल सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, बल्कि बच्चों और समाज में संस्कार, सृजनशीलता एवं राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।

