


नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का अभिमुखीकरण कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन एवं में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने एवं पूजा गोस्वामी के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, राहुल सिंह परिहार, आईटीआई प्रशिक्षक बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष अहिरवार, डॉ. आर चौकीकर, राष्ट्रीय इंदिरा गांधी एनएसएस पुरस्कार प्राप्त करता सुश्री आयुषी सिन्हा, स्वयंसेवक पवन गिरी एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने एवं पूजा गोस्वामी ने मंच पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणा पुरुष स्वामी विवेकानंद के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया तथा उसके पश्चात संगीत विभाग से डॉ. प्रेमकांत कटंगकार के सहयोग से सरस्वती वंदना स्वागत गीत एवं लक्ष्य गीत का गायन किया। छात्राओ द्वारा सभी अतिथियों का तिलक लगाकर एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती डॉ. कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन कहा कि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई सदैव सक्रियता के साथ समाज उपयोगी एवं राष्ट्रीय हित से जुड़े कार्यों का संचालन करती रही है। उन्होंने स्वयंसेवकों का आवाहन किया कि वे सेवा अनुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ कार्य कर रासेयो की गरिमा को और ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। राहुल सिंह परिहार, प्रशिक्षक मुक्त इकाई बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने अपने अनुभव साझा करते हुए स्वयंसेवकों को व्यापक सोच को अपनाने एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की दिशा को समझने के लिए प्रेरित किया उन्होंने बताया कि एनएसएस स्वयंसेवकों को समाज सेवा और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त मंच प्रदान करती है उन्होंने स्वयंसेवकों को अनुशासन टीमवर्क और सेवा भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी तथा उन्होंने स्वयंसेवकों से आवाहन किया कि वे समाज सेवा को दायित्व नहीं बल्कि अवसर के रूप में अपनाए। पीएम श्री एक्सीलेंस महाविद्यालय से आए पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष अहिरवार ने राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित सैद्धांतिक जानकारी प्रदान करते हुए स्वयंसेवकों को बताया कि एनएसएस क्या है, इसके उद्देश्य व लक्ष्य क्या है। एनएसएस का प्रतीक चिन्ह विशेष शिवरों की भूमिका था तथा शिविरों के माध्यम से समाज सेवा के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वाेच्च सम्मान इंदिरा गांधी एनएसएस पुरस्कार प्राप्तकर्ता सुश्री आयुषी सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि युवाओं में वह अपार क्षमता होती है जिससे वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं साथ ही उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए स्वयंसेवकों को निरंतर सेवा और अनुशासन का महत्व बताया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई, जिसमें सामूहिक गीत एवं लोक नृत्य शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन हुमेरा अली एवं आभार कार्यक्रम अधिकारी पूजा गोस्वामी द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय से डॉ. श्रीकांत दुबे, डॉ. संगीता अहिरवार, डॉ. कंचन ठाकुर, डॉ. दुर्गेश तेली, डॉ. रागिनी सिकरवार, डॉ. रीना मालवीय, डॉ. रफीक अली, स्टेट कैंपर दुर्गा सूर्यवंशी, नेशनल कैंपर प्रेरणा पाल एवं निर्मला, वर्षा, तनुश्री, सलोनी मालवीय , मीरा चौहान एवं लगभग 150 स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

