नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान अग्रणी महाविद्यालय एवं हार्टफुलनेस हैदराबाद के मध्य एमओयू और डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स के अंतर्गत छात्राओं के मानसिक उत्थान हेतु हार्टफुलनेस केंद्र नर्मदापुरम द्वारा पाँच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के संरक्षण में किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन दिनांक 8 से 12 दिसंबर-2025 तक किया गया, जिसमें महाविद्यालय की विभिन्न संकाय की लगभग 65 छात्राओं ने लाभ प्राप्त किया। हार्टफुलनेस एक गैर लाभकारी आध्यात्मिक संस्था है जो मानव जीवन के उत्थान हेतु निशुल्क कार्य करती है। सन 2016 से यह संस्था सतत् महाविद्यालय, छात्रावास और जनजातीय छात्रावासों में कार्य कर रही है। कार्यशाला का शुभारम्भ आठ दिसंबर को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन एवं हार्टफुलनेस संस्था के जोनल समन्वयक और प्रशिक्षक डॉ. कमल वाधवा प्राध्यापक गणित शासकीय नर्मदा महाविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की महाविद्यालय की प्रभारी डॉ. श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. श्रीकांत दुबे, डॉ. श्रीमती भारती दुबे, डॉ. श्रीमती संगीता पारे, डॉ. श्रीमती वर्षा भिंगारकर, डॉ. श्रीमती निशा रिछारिया, श्रीमती प्रीति ठाकुर, डॉ. श्रीमती मनीषा तिवारी, ईशा शास्त्री आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य ने छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुये कहा कि वर्तमान जीवन को देखते हुये उन्हें मानसिक दृढ़ता और आंतरिक शक्ति की बहुत जरुरत है जो पढ़ने और सुनने के स्थान पर कुछ करके ही मिल सकती है। इस कार्यशाला में सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों विधाओं का प्रयोग किया जायेगा। छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। पाँच दिवसीय कार्यशाला के मुख्य विषय कनेक्ट, कोर, चॉइस, कॉज़ेलिटी और कम्युनिटी थे। जिन्हें हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों डॉ. कमल वाधवा, डॉ. योगेश खंडेलवाल, विनय पालीवाल ने प्रस्तुत किया। प्रायोगिक सत्र में ध्यान का अभ्यास हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों श्रीमती आभा वाधवा और अमित गोपलानी के द्वारा कराया गया। इस कार्यशाला के फ़ॉलोअप सत्र प्रत्येक सोमवार को आयोजित किये जायेंगे। छात्राओं ने अपने फीडबैक में बताया कि उन्हें अद्भुत अनुभूति हुई। उन्होंने स्वयं से जुड़ने और आंतरिक रूप से परिचय प्राप्त किया। इसे नियमित करने पर अपनी सहमति भी प्रकट की। डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की प्रभारी डॉ. श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव ने इस कार्यशाला की सराहना की और छात्राओं के जीवन के लिये उपयोगी बताया। वरिष्ठ प्राध्यापकों डॉ. श्रीकांत दुबे, डॉ. श्रीमती भारती दुबे ने भी इस कार्यशाला के प्रायोगिक सत्रों की प्रशंसा की। युवाओं के लिए हार्टफुलनेस की इस पहल की सराहना की। युवाओं को उचित रास्ता चुनने में संस्था की भूमिका की प्रशंसा की। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं को विकसित करने का यह सत्र लाभकारी है। आध्यात्मिक विकास ही सही सोच, सही समझ और जीवन जीने का ईमानदार दृष्टिकोण देता है। महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों ने सत्रों में भाग लिया और हार्टफुलनेस ध्यान का अनुभव प्राप्त किया।

