
इटारसी / हर वर्ष चाइना मांजा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत आखिर क्यों पड़ती है, यह सवाल एक बार फिर सामने आया है। हाल ही में चाइना मांजा से जुड़ी एक दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइना मांजा की खुलेआम बिक्री चिंता का विषय बनी हुई है। इससे दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों, बच्चों और पक्षियों की जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ठाकुर ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हर साल सिर्फ जागरूकता अभियान चलाना समाधान नहीं है। पुलिस और प्रशासन को त्योहारों से पहले ही सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। चाइना मांजा बेचने वालों पर छापामार कार्रवाई और गोदामों की नियमित जांच जरूरी है। दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई कर मिसाल पेश की जाए। मनीष ठाकुर ने कहा कि दुर्घटना के बाद नहीं, बल्कि दुर्घटना से पहले कदम उठाने होंगे। उन्होंने आम नागरिकों से चाइना मांजा का उपयोग न करने की अपील की। साथ ही अवैध बिक्री की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। ताकि भविष्य में किसी और की जान इस खतरनाक मांजा की भेंट न चढ़े।

