

नर्मदापुरम / शहर में रविवार को चित्रगुप्त घाट पर अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। घाट पर फैले कचरे कूड़े आदि को एकत्रित कर डस्टबिन में डाला गया और नर्मदा किनारे से घाट के किनारे जमी काई को निकल गया । नर्मदा किनारे फूल माला अन्य सामग्री लोग डाल देते हैं पानी में से निकाल कर बाहर निकाल और सभी सामग्री को एकत्रित कर डस्टबिन में डाला गया। इस अवसर पर उपस्थित नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने कहा कि मां नर्मदा हमारे जीवन दायिनी है। हम सब का कर्तव्य है की मां को स्वच्छ और सुंदर बनाएं घाट पर गंदगी ना फैलाएं ।
*घाटों को सुंदर रखें*
नर्मदा में फूल माला के अलावा अन्य कास्टिक जैसी अन्य चीज ना डालें। नर्मदा में जो मछलियां अन्य जीव जंतु हैं उनके खान-पान के लिए आटे की लोई डालें जिससे मछलियां खाती हैं । सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मां को सुंदर स्वच्छ और साफ रखें । नहाते समय भी नर्मदा में अपना ख्याल रखें । वहीं इस अवसर पर उपस्थित केशव देव वर्मा ने कहा कि नर्मदा का यह घाट पूरे देश में जाना पहचाना जाता है । जहां हर आवश्यक अमावस्या, पूर्णिमा पर बाहर से त्यौहार पर लोग दूर-दूर से नर्मदा के इस पवित्र घाट पर स्नान करने आते हैं । सभी श्रद्धालुओं से श्री वर्मा ने अपील की है कि किसी भी प्रकार का कचरा व अन्य सामग्री नर्मदा में नहीं डालें नर्मदा को जल को स्वच्छ और साफ रखना है प्रत्येक नागरिक का प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि मां को नीरज जल को अच्छा रखें। इस मौके पर नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा, समाजसेवी सुमन वर्मा, प्रीती खरे, मंजू श्रीवास्तव, मातृशक्ति जिला अध्यक्ष ज्योति वर्मा, जानकी, मनोज वर्मा, राजेंद्र श्रीवास्तव , लालता, अदिति, सीबी खरे, प्रत्यक्ष खरे, विजय वर्मा, केशव देव वर्मा, अशोक वर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
*हर रविवार जुटते हैं समाजसेवी, करते हैं सफाई, देते हैं संदेश*
घाटों पर हर रविवार को अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति के पदाधिकारी, सदस्य एकजुट होकर घाट की साफ सफाई करते हैं और स्वच्छता का संदेश देते हैं। चित्रगुप्त घाट पर स्वच्छता अभियान चलाते हैं। नर्मदा घाट से हमारी पहचान है। हमारा नर्मदा पुरम सेठानी घाट सहित अन्य घाटों से जाना जाता है । यहां पर हर तीज त्योहार पर लोग पहुंचते हैं और स्नान करते हैं । हम शहर वासियों का कर्तव्य है कि घाट को स्वच्छ रखें, साफ रखें और गंदगी ना फैलाएं। सभी समाजसेवी एकजुट हों और स्वच्छता अभियान चलाएं, एक दूसरे का सहयोग करें जिससे हम घाटों को सुंदर बना सके। श्रद्धालुओं से भी उन्होंने अपील की है कि वह पानी में और किनारे पर गंदगी न डालें डस्टबिन का ही उपयोग करें और स्वच्छता रखें।

