स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ता की सहमति जरूरी नहीं – म. प्र. सरकार, 31,335 चेक मीटर लगाए गए, 100 प्रतिशत मीटरों की हो रही लैब जांच

नर्मदापुरम / पिछले महीने शहर में प्रत्येक घर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चालू हुई जिसे लेकर कई भ्रांतियां भी उपभोक्ता में हुई और जिनके घर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं उनको अब समय पर बिल भी मिलने लगे हैं। दोपहर में टैरिफ का भी फायदा सबको मिल रहा है। बता दे कि प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर उठ रहे सवालों और आशंकाओं पर सरकार ने विधानसभा में जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं की सहमति लेना आवश्यक नहीं है। बिजली वितरण कंपनियों द्वारा अब तक 31,335 चेक मीटर लगाए जा चुके हैं। यह जानकारी विधानसभा में स्मार्ट मीटरों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक कैलाश कुशवाह, राजन मंडलोई एवं दिलीप परिहार द्वारा लगाए गए प्रश्नों के उत्तर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में स्मार्ट मीटर स्थापना से संबंधित निविदाओं में पांच प्रतिशत चेक मीटर लगाए जाने का प्रावधान रखा जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों में केवल पांच प्रतिशत नहीं, बल्कि शत-प्रतिशत मीटरों की लैबोरेटरी जांच कराई जा रही है, जिससे मीटरों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों की स्थापना केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचनाओं तथा मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-8 (विद्युत मापन एवं बिलिंग) के दिशा-निर्देशों के तहत आरडीएसएस योजना के अंतर्गत की जा रही है। इसका उद्देश्य पारदर्शी बिलिंग, बेहतर मीटर रीडिंग प्रणाली और सटीक ऊर्जा लेखांकन करना है।

