


नर्मदापुरम / शांति निकेतन मांटेसरी हायर सेकेंडरी स्कूल के संस्थापक संचालक एवं वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. केएम जार्ज के आकस्मिक निधन के बाद विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, व्यापारियों, निजी स्कूलों के संचालकों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर दिवंगत डॉ. जार्ज को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा में नर्मदापुरम संभाग के पूर्व कमिश्नर जे एन कंसोटिया ने डॉ. के एम जार्ज के साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि डॉ. जार्ज केवल एक शिक्षाविद् ही नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने की सोच रखने वाले व्यक्तित्व थे। उनका कार्य के प्रति समर्पण, विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी। उनके साथ बिताए गए पल और उनसे जुड़ी स्मृतियां सदैव प्रेरणा देती रहेंगी। ऐसे व्यक्तित्व का जाना शिक्षा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
डॉ. नरेंद्र पांडे ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि….
इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र पांडे ने भी डॉ. जार्ज के व्यक्तित्व एवं उनके शैक्षणिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षाविद् की वास्तविक पहचान उसके द्वारा स्थापित संस्थान और उससे संस्कारित होकर आगे बढ़ने वाली पीढ़ियों से होती है। डॉ. जार्ज ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और अनेक विद्यार्थ
उमड़ा जनसैलाब…
डॉ. के.एम. जॉर्ज की स्मृति में सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा के आयोजन में वरिष्ठ संगीत शिक्षक अशोक सोनी के मार्गदर्शन में शांतिनिकेतन परिवार द्वारा सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इसके बाद सभी धर्मगुरुओं ने डॉ. जॉर्ज की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
डॉ. जॉर्ज का मानना था कि मनुष्य की कोई जाति या धर्म नहीं होता, सिर्फ एक ही धर्म है – मानवता का धर्म। वे कहते थे, मानव सेवा ही माधव सेवा है।
पापा कर्मयोगी थे- डॉक्टर जॉर्ज…
उनके पुत्र डॉ. ऋषि जॉर्ज ने भावुक होकर कहा कि वे एक कर्मयोगी थे। जब पापा आईसीयू में होश में आए, तो उन्होंने बच्चों के बारे में पूछने के बजाय पूछा – क्या डीईओ साहब आ गए हैं। इससे पता चलता है कि वे स्कूल के हर बच्चे को अपना परिवार मानते थे।
इस मौके पर कमिश्नर जे.एन. कंसोटिया, डॉ. नरेंद्र पांडे, अरुण शर्मा, सत्येंद्र फौजदार, डॉ. अतुल सेठा, दिनेश शर्मा सहित कई मित्रों ने उनके साथ बिताए पलों को याद किया। उन्होंने कहा कि लाखों में कोई एक ऐसा व्यक्तित्व होता है जो हजारों दिलों पर राज करता है, जॉर्ज सर वैसे ही थे।शांतिनिकेतन परिवार की हेमलता पुरोहित, श्रीमती नीता मालवीय और मनीष नारायण सर ने नम आंखों से श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि डॉ. जॉर्ज महान शिक्षाविद और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, जो हर शिक्षक के साथ-साथ छोटे कर्मचारियों का भी हौसला बढ़ाते थे।
पत्रकार संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी सहित बड़ी संख्या में वर्तमान व पूर्व विद्यार्थी, पालक और मित्रगण श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे।
सुपुत्री चित्रांगदा जॉर्ज और पुत्रवधू एयोफि जॉर्ज ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान सभी धर्म गुरुओं का सम्मान किया गया। सभा का समापन ‘सबका मालिक एक है’ और ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ भजन से हुआ। मंच संचालन सुश्री अर्पिता लक्ष्मण ने किया।

