



नर्मदापुरम / सिवनी मालवा में सोमवार को दुर्गा नवमी के अवसर पर ज्वारे कलश विसर्जन यात्रा निकाली गई। नौ दिन तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद प्राचीन शीतला माता मंदिर से यह यात्रा दोपहर 3 बजे शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यात्रा में महिलाएं सिर पर जवारा कलश लेकर चल रही थीं। उनके पीछे गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। मां दुर्गा की बड़ी प्रतिमा (नगर सेठानी) भी यात्रा का मुख्य आकर्षण रही।
यह यात्रा शीतला माता मंदिर से शुरू होकर नगर के मुख्य मार्गों से गुजरी। कल्लू चौक, नर्मदा मंदिर चौक होते हुए गांधी चौक पहुंची। रास्ते में लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर माता रानी का स्वागत किया और पूरे नगर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
इस समारोह में प्राचीन परंपरा शेरों के नाच की झलक भी देखने को मिली, जिसमें बच्चों द्वारा शेर बनकर नृत्य किया गया। सेठानी की विदाई के लिए पूरे रास्ते हरी कारपेट बिछाई गई थी।
चल समारोह शक्ति घाट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा नम आंखों से सेठानी को विदा किया गया। चल समारोह में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।
प्राचीन शीतला माता मंदिर लगभग 250 वर्ष पूर्व से मां की पूजन हो रही है ।
इस बार नवरात्रि पर 309 घट की स्थापना विधि विधान से की गई।
नौ दिनों तक श्रद्धालुओं द्वारा कन्या भोजन करवाया जाता है । यहां श्रद्धालुओं की आस्था है कि मनोकामना पूर्ण होती है ।

