

नर्मदापुरम / राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केशव बस्ती में आयोजित पथ संचलन के अवसर पर जिला प्रचारक अनिल पाटीदार ने कहा कि संघ के समान दूसरा संगठन संसार में नहीं है। संघ का उद्देश्य केवल शक्ति प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का भाव जागृत करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों को समझते हुए संघ को सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी बनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में पूर्व नगर कार्यवाह एवं अध्यक्ष अम्बा प्रसाद कुशवाह मंचासीन रहे। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता के साथ पथ संचलन में भाग लिया।
अपने उद्बोधन में जिला प्रचारक अनिल पाटीदार ने भारत के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने अनेक ऐतिहासिक चुनौतियों का सामना किया है। महाराणा प्रताप ने राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन अकबर के सामने समर्पण नहीं किया। वहीं, भामाशाह ने राष्ट्रहित में अपना संपूर्ण धन महाराणा प्रताप को समर्पित कर दिया। ऐसे ऐतिहासिक प्रसंग हमें त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का परिचय पूरी दुनिया को कराया। भगवान श्रीराम के त्याग और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से हमें जीवन में कर्तव्यनिष्ठा एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। देश के अनेक राजाओं और क्रांतिकारियों ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित किया। भगत सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने क्रांतिकारियों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और राष्ट्रहित में एकजुटता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
पथ संचलन का उद्देश्य केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास जगाना है। अनिल पाटीदार ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करना आवश्यक है। संघ के प्रति लोगों में गहरी श्रद्धा और विश्वास है। राष्ट्र को विखंडित करने तथा समाज में वैमनस्य पैदा करने वाले विचारों का सकारात्मक प्रयासों और सामाजिक एकता के माध्यम से सामना करना होगा।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों पर जोर देते हुए कहा कि मां नर्मदा की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। देश, समाज, नदियों और समस्त प्राणीमात्र की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। जीवन त्याग, सेवा और समर्पण से ही निखरता है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें और सेवा कार्यों के माध्यम से सामाजिक समरसता को मजबूत करें।
अनुशासन और एकजुटता का संदेश देता पथ संचलन….
केशव बस्ती का पथ संचलन विभिन्न मार्गों से होकर निकला। स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से संचलन में सहभागिता की। संचलन पुनः प्रारंभिक स्थान पर पहुंचा। इस अवसर पर स्वयंसेवकों का स्वागत पुष्पवर्षा कर किया गया, सेठानी घाट पर पुनः विकिर के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

