




नर्मदापुरम / बनापुरा / गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जीवा ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पणिकर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी के जीवन, उनके सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण के विचारों को अपने शब्दों में अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी लेखन प्रतिभा एवं विचारों का परिचय दिया।
वहीं विद्यालय के केजी किड्स द्वारा विशेष रूप से आकर्षक नाट्य प्रतियोगिता का मंचन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधीजी के जीवन एवं उनके आदर्शों से जुड़े संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों की मासूमियत, आत्मविश्वास और मंच प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। नाट्य मंचन के माध्यम से बच्चों ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, प्रेम, सद्भाव एवं देशभक्ति का संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पणिकर ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। निबंध प्रतियोगिता से लेकर नाट्य मंचन तक विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों की प्रस्तुतियों एवं सहभागिता की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का समापन गांधीजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा स्वच्छ, अनुशासित, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के संकल्प के साथ हुआ। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कार और मनोरंजन का सुंदर संगम साबित हुआ।

