


नर्मदापुरम / “क्षमा हमारी सब जीवों से”
“सब जीव हमको क्षमा करें“
“बैर पाप निकाल ह्दय से“
“प्रेम भाव भंडार भरे“
समाजसेवी नीरज फोजदार ने बताया कि जैन समाज का सबसे बड़ा धर्म क्षमा धर्म जो पर्वराज पयूषण के उपरांत आता है। जिसमें सभी सदस्य अपनी अपनी गल्ती स्वीकार कर एक दूसरे से क्षमा प्रार्थना करते है ओर जाने अनजाने में हुई ग़लतियों की मॉंफी मॉंग कर अपने ह्दय को पवित्र करते है। गुरुवार दिनॉंक 1 अक्टूबर को श्री तारण तरण दिगम्बर जैन समाज की सभी महिलाओं ने मिलकर यह कार्यक्रम का आयोजन श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर तलैया स्थित मंदिर में आयोजित किया। सभी ने मिलकर क्षमा पर्व मनाया एवं क्षमायाचना की।
आयोजन में समाज की सभी वरिष्ठ महिलाए शामिल रही जिनमें जैन बहुओं ने भी सहभागिता की । जिसमें नीति जैन, संध्या मंहत, ऐकता फौजदार, नीरजा फौजदार, अर्चना सुबोध जैन, विनीति जैन, वंदना समैया, मनु जैन, मंजू जैन, साक्षी फौजदार, अरमान जैन, सारिका बाबा जैन, सुरभी जैन, राशि अतुल जैन, रचना मस्ते, नंदनी मस्ते, अनीता जैन, आरती फौजदार, आराधना जैन, निधी जैन, नम्रता मंहत, सुनीता जैन, रीधिमा मंहत, रूबी फौजदार, सुरभी मंहत, सौम्या मंहत, बिन्नी रागनी जैन, कामनी गिल्ला, राखी जैन, प्रीति मंहत, रौनक गिल्ला, आयुषी गिल्ला, दिव्या जैन, पारूल आशू आदि ने हाथ जोड़कर एक दूसरे से क्षमा मॉंगी एवं साथ में मिलकर सामूहिक भोजन भी किया।

