
नर्मदापुरम / नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला सशक्तिकरण और मातृशक्ति के शौर्य को समर्पित ‘शक्ति शौर्य महारास-2026’ का आयोजन नर्मदापुर युवा मंडल द्वारा 14 अक्टूबर को किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा से आयोजित होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को नेहरू पार्क में मातृशक्तियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ राज्यसभा सांसद माया नारोलिया एवं नर्मदापुर युवा मंडल के अध्यक्ष, भाजपा मंडल अध्यक्ष ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं शस्त्र पूजन के साथ हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में मातृशक्तियों ने सहभागिता की और आगामी महारास के लिए प्रशिक्षण की शुरुआत की। कार्यक्रम से जुड़े मनीष परदेशी ने बताया कि ‘शक्ति शौर्य महारास’ में मातृशक्तियां हाथों में तलवार थामकर मां अम्बे की आराधना करेंगी। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि मातृशक्ति के साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी देगा। प्रशिक्षण के दौरान मातृशक्तियों को सामूहिक रूप से शौर्य प्रदर्शन की विभिन्न प्रस्तुतियों का अभ्यास कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि विशेष प्रशिक्षण शिविर 12 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4 से 5 बजे तक नेहरू पार्क में आयोजित किया जाएगा। यह विशेष प्रशिक्षण विशाल द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से मातृशक्तियों को महारास की प्रस्तुति के लिए तैयार किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को नवरात्रि के दौरान होने वाले मुख्य आयोजन में प्रशिक्षित मातृशक्तियां सामूहिक रूप से शौर्य प्रदर्शन कर मां शक्ति की आराधना करेंगी।
महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का संदेश….
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। मातृशक्तियों द्वारा शौर्य प्रदर्शन के माध्यम से समाज में यह संदेश जाएगा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे सकती हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने वाला बताया तथा आयोजन से जुड़ी मातृशक्तियों का उत्साहवर्धन किया। नर्मदापुर युवा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि ‘शक्ति शौर्य महारास’ के माध्यम से नर्मदापुरम में एक ऐसी परंपरा विकसित करने का प्रयास है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ महिला सशक्तिकरण और सामाजिक संदेश भी जुड़ा हो। उन्होंने अधिक से अधिक मातृशक्तियों से प्रशिक्षण में सहभागिता करने का आह्वान किया। आयोजकों के अनुसार नवरात्रि के दौरान होने वाला यह आयोजन मातृशक्ति की भक्ति, शक्ति और शौर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिदिन मातृशक्तियों की संख्या बढ़ रही है और मुख्य आयोजन को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

