

नर्मदापुरम / अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत नर्मदापुरम में जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। सेठानी घाट स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में आयोजित इस विशाल सम्मेलन में जिले की सभी आठों तहसीलों, नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, सिवनी मालवा, सोहागपुर, बनखेड़ी, माखन नगर,डोलरिया से बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा ने किया। सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, परिवार एवं समाज में नारी की भूमिका, संस्कार संरक्षण, कुरीति उन्मूलन, भारतीय संस्कृति तथा नई पीढ़ी के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
सच्चा सशक्तिकरण जीवन की चुनौतियों का सामना करने में है – तृप्ति त्रिपाठी..
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती तृप्ति त्रिपाठी, संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, नर्मदापुरम ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में शक्ति को सृष्टि के संचालन का आधार माना गया है। नारी के भीतर निहित शक्ति को पहचानना और उसका सकारात्मक उपयोग करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।
उन्होंने धार्मिक आयोजनों में डीजे के बढ़ते दुरुपयोग तथा नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मोबाइल के बढ़ते दुरुपयोग पर उन्होंने अभिभावकों को सजग करते हुए कहा कि बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें उन सुविधाओं का मूल्य और उनका सदुपयोग समझाना भी आवश्यक है। उन्होंने बेटियों से कहा कि सशक्तिकरण केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करना और उनका समाधान निकालना भी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य की अपनी भूमिका और जिम्मेदारी होती है। घर-परिवार के कार्यों को सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए तथा कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता।
भारतीय नारी शक्ति और त्याग की प्रतीक – बबली धाकड़…
अखिल विश्व गायत्री परिवार नारी जागरण उपजोन समिति की सदस्य श्रीमती बबली धाकड़ ने भारतीय नारी की गौरवशाली परंपरा और शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में ऐसी अनेक नारियां हुई हैं, जिन्होंने अपने साहस, त्याग और संकल्प से असंभव को संभव कर दिखाया।
उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती, मीराबाई और विदुषी गार्गी जैसी महान नारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय नारी सदैव परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। उन्होंने सावित्री के प्रसंग का उल्लेख करते हुए भारतीय नारी की दृढ़ता, त्याग और संकल्प शक्ति को रेखांकित किया।
परिवार को जोड़ने और संस्कारों को बचाने में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका….
विदिशा गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य ट्रस्टी श्रीमती सुमन सिंह ने परिवार में नारी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी परिवार की धुरी है। परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़कर रखना, प्रेम और सद्भाव का वातावरण बनाए रखना तथा आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करना नारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
श्रीमती विजय श्रीवास्तव ने नदियों एवं पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने, जीवन में संस्कारों को अपनाने तथा मोबाइल की आभासी दुनिया के अत्यधिक प्रभाव से बचने का आह्वान किया।
श्रीमती अनीता जाट ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नई पीढ़ी में संस्कारों के निर्माण तथा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों के हस्तांतरण पर विशेष जोर दिया।
वरुणा सिंह ने कराया सामूहिक संकल्प….
सम्मेलन के अंतिम चरण में मातृशक्ति को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति सजग करते हुए सामूहिक संकल्प कराया गया। श्रीमती वरुणा सिंह ने उपस्थित मातृशक्ति को संकल्पों का पाठ कराया, जिसे सभी ने एक स्वर में दोहराया।
इस अवसर पर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण, महिला स्वावलंबन, परिवार में सद्भाव, नई पीढ़ी को संस्कारित करने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।
गुरु कृपा से सफल हुआ विशाल आयोजन – प्रतिभा साहू….
जिला स्तरीय महिला जागरण अभियान समिति की श्रीमती प्रतिभा साहू ने सम्मेलन के समापन अवसर पर सभी अतिथियों, मातृशक्ति एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतना विशाल एवं सफल आयोजन परम पूज्य गुरुदेव की कृपा और सभी कार्यकर्ताओं की सामूहिक साधना एवं समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने मुख्य अतिथि श्रीमती तृप्ति त्रिपाठी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यक्रम में अंत तक उपस्थित रहकर मातृशक्ति का उत्साहवर्धन किया और अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। उन्होंने जिले की आठों तहसीलों से पहुंची मातृशक्ति तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मेलन के समापन पर जिले की सभी आठों तहसीलों में महिला सशक्तिकरण एवं नारी जागरण के अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने तथा अधिकाधिक मातृशक्ति को इससे जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

