नर्मदापुरम / रविवार दिनांक 27 सितम्बर 2026 को शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा राजधानी भोपाल में नर्मदापुरम संभाग एवं भोपाल संभाग के सभी के सभीं जिलो द्वारा टी ई टी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें नर्मदापुरम जिले से सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित हुए। राज्य शिक्षक संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष कुंअर सिंह वाडिवा ने मंच से सभी को अवगत कराया कि मध्यप्रदेश के इतिहास में सन 1995, 96 के दरम्यान शिक्षकों के जीवन में काले सूर्य का उदय हुआ है, बेचारे नव निरीह युवक समझ रहे थे, कि हमारी सरकार हमारा हित कर रही है। उन्हें क्या पता था कि वह हमारे दुर्भाग्य की सीढ़ी बना रही है। हमारी प्रथम नियुक्ति 1998 में मिली 2001 में हमें नियमितीकरण का आदेश दिया गया और किया है। 2007 में हमें अध्यापक संवर्ग में शामिल किया गया। 2010 में हमें क्रमोन्नति दी गई 2012 से 2015 तक हमें पदोन्नति भी दी गई। उसके 2018 में हमें न्यू शिक्षक कैडर में हमारी नियुक्ति कर दी गई। जिससे हमारी 22 साल की सेवा को शून्य कर दिया। जिस वजह से सभी शिक्षकों के दिल में आक्रोश है।उसके पास 2026 में जहां हम लोग ओल्ड पेंशन की मांग कर रहे थे, उसके विपरीत माननीय सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए टी ई टी की परीक्षा देना अनिवार्य कर दिया । इसके विरोध में समस्त शिक्षक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर निर्णय लिया कि टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए,नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जाए और ई अटेंडेंस बंद की जाए इन सभी मांगो को लेकर 27 सितम्बर 2026 से राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चित कालीन धरना प्रारंभ किया किया।
जिसमें 8,10 जिले प्रतिदिन क्रमशः धरने पर अपनी उपस्थिति देंगे। श्री वाडिवा ने बताया कि जब टीईटी पात्रता परीक्षा पास करने का कानून 2010 में बनाया गया तो 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हमें मान्य सुप्रीम कोट के निर्णय की स्वीकार करना होगा। तब हमारा कहना है कि परीक्षा को अनिवार्य करने सुप्रीम कोट का हवाला दिया जा रहा है तो हाल ही में सुप्रीम कोट द्वारा छठवें वेतन का केस जीता गया जिनकों 2006 से हमें छठवां वेतन दिया जाना था जो कि सभी को 2016 से दिया गया। फिर सरकार माननीय सुप्रीम कोट के इस आदेश को क्यों नहीं स्वीकार करती है। इसका मतलब सरकार हमारे साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है। सयुंक मोर्चा ने निर्णय लिया है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हमारा राजधानी भोपाल में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा । नर्मदापुरम से उमेश ठाकुर, के एस वाडिवा, परम सुख गढ़वाल, कमलेश टेकाम, गौरी शंकर राजपूत, राजेश नागवंशी, दिलीप साहू, सुनील उइके, संतोष दीवान, सुनील साहू, संजय राय, देवेंद्र खरे, गजेंद्र यादव, पुरुषोत्तम अहिरवार, सुषमा मौर्य, मोनिका जोशी सहित सैकड़ों शिक्षक इस धरना प्रदर्शन में उपस्थित हुए।

