
नर्मदापुरम / भारत एक ऐसा देश है जहां आपको खूबसूरत बीच देखने को मिलेंगे तो वहीं रेगिस्तान भी देखने को मिलेगा। यहां खूबसूरत गर्म पहाड़ हैं तो वहीं बर्फीली चादर ओढ़े आकर्षक माउंटेन हैं। यहां के पर्यटन स्थल घूमने के लिए दुनियाभर से कई पर्यटक आते हैं। पर्यटन के महत्व की जागरबकत के लिए भारत सरकार ने पर्यटन दिवस मनाने का फैसला लिया। भारतीय पर्यटन से करोड़ों लोगों को रोजगार भी मिलता है तो वहीं देश क जीडीपी में बढ़ोतरी भी होती है। इसके अलावा पर्यटन दिवस के जरिए देश विदेश तक भारत की ऐतिहासिकता, खूबसूरती, नेचुरल खूबसूरती का प्रचार प्रसार भी होता रहता है। कश्मीर से कन्या कुमारी तक कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं जो यात्रियों को अपनी और आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि पर्यटन दिवस के जरीए लोगों को जागरूक किया जाता है।
कब हुई इस पर्यटन दिवस की शुरुआत
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विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। भारत में इस दिन की शुरूआत साल 1948 में ही हो गई थी, जब देश आजाद होने के बाद भारत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन यातायात समिति का गठन किया गया। इसके तीन साल बाद यानि 1951 में कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन दिवस के क्षेत्रिय कार्यालयों में बढ़ोतरी की गई।
क्या है इसका उद्देश्य
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इस दिन को मनाने की शुरूआत पर्यटन का महत्व और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हुई थी। इसके सामाजिक, राजनीतिक, फाइनेनशियल और सांसकृतिक मूल्य के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।(संकलन – प्रीति चौहान)

