

सोहागपुर / प्रदीप दिवोलिया / विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की योजना से वंदे मातरम के 150 वे वर्ष में नमामि भारतम् कार्यक्रम के अंतर्गत वंदे मातरम का सामूहिक गायन का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर सोहागपुर के अतिरिक्त समविचारी विद्यालय ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सम विचारी विद्यालयों में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सनफ्लावर इंग्लिश मीडियम विद्यालय, सेमिरिटनस इंग्लिश मीडियम विद्यालय के 669 विद्यार्थियों एवं नगर से पधारे अतिथियो, अधिकारियों ने वंदे मातरम के सामूहिक गायन में सहभागिता की।।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रामकिशोर दुबे सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि वंदे मातरम के अर्थ को हमें अपने हृदय में उतारना चाहिए तथा आचरण में लेकर आना चाहिए । संपूर्ण वंदे मातरम में मातृभूमि की स्तुति की गई है । मातृभूमि की संकल्पना करते हुए कहा गया है कि यह हमारी पुण्य भूमि, जन्मभूमि है । यह महान है, भारत के सभी नागरिकों को वंदे मातरम के गायन में सहभागिता करनी चाहिए। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा अपने उपन्यास आनंद मठ में वंदे मातरम गीत लिखा गया था जो कुछ वर्षों पश्चात राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया । इस गीत को रविंद्र नाथ टैगोर ने स्वर दिए। कार्यक्रम का संचालन जीवन दुबे द्वारा किया गया।।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जालम सिंह पटेल, अनुविभागीय अधिकारी बबीता राठौर कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश कुमार उईके, विशिष्ट अतिथि लता यशवंत पटेल मुख्य वक्ता राम किशोर दुबे, शिक्षा समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार पालीवाल, समाजसेवी कन्नूलाल अग्रवाल, नगर परिषद सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा, नगर परिषद उपाध्यक्ष आकाश रघुवंशी, आनंद कुमार दुबे, बी आर सी राकेश रघुवंशी, समिति उपाध्यक्ष राजा भैया पटेल, सचिव देवराज पटेल, व्यवस्थापक संजीव दुबे, कोषाध्यक्ष अभिषेक कुमार जैन, वरिष्ठ सदस्य हीरालाल गोलानी, सदस्य सौरव सोनी, रितेंद्र सिंह राजपूत, प्राचार्य अशोक कुमार दुबे, सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र, छात्राए, आचार्य शिक्षिका समस्त समविचारी विद्यालयों के छात्र छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाएं, अभिभावक उपस्थित थे।

