नर्मदापुरम / प्रदोष व्रत हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। यह व्रत हर महीने के दोनों पक्षों (कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष) की त्रयोदशी तिथि (13वें दिन) को रखा जाता है। इस प्रकार एक साल में कुल 24 प्रदोष व्रत आते हैं।
प्रदोष व्रत का क्या महत्व है?’
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प्रदोष’ का अर्थ है संध्या काल या शाम का समय। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं और सभी देवी-देवता उनकी स्तुति करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस समय शिव जी की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट, पाप और दरिद्रता दूर हो जाती है।
वार के अनुसार अलग-अलग फलप्रदोष व्रत जिस दिन (वार) पड़ता है, उसके अनुसार इसका नाम और फल बदल जाता है:
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सोम प्रदोष: सोमवार को आने वाला व्रत। इसे रखने से मन की शांति और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है।
भौम (मंगल) प्रदोष: मंगलवार को आने वाला व्रत। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य सुधरता है।
बुध प्रदोष: बुधवार को आने वाला व्रत। इससे ज्ञान, बुद्धि और शिक्षा में सफलता मिलती है।
गुरु प्रदोष: गुरुवार को आने वाला व्रत। इससे शत्रुओं का नाश होता है और सफलता मिलती है।
भृगु (शुक्र) प्रदोष: शुक्रवार को आने वाला व्रत। इससे सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
शनि प्रदोष: शनिवार को आने वाला व्रत। इससे संतान सुख मिलता है और नौकरी में उन्नति होती है।
रवि प्रदोष: रविवार को आने वाला व्रत। इससे अच्छी सेहत और लंबी आयु मिलती है।
पूजा का मुख्य समय (प्रदोष काल)
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इस व्रत की पूजा का सबसे मुख्य समय प्रदोष काल होता है। सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद के समय को प्रदोष काल कहा जाता है।
इस समय भगवान शिव का अभिषेक और पूजन करना अनिवार्य माना गया है।
व्रत और पूजा की संक्षिप्त विधि
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व्रत की शुरुआत: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
दिनभर का नियम: पूरे दिन निराहार (बिना भोजन के) या फलाहार (फल और दूध) खाकर व्रत रखें।
शाम की पूजा: शाम को दोबारा स्नान करके साफ कपड़े पहनें। भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत (चावल) और फल चढ़ाएं।
मंत्र और कथा: प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।व्रत का पारण: शाम की पूजा और आरती के बाद सात्विक भोजन करके व्रत खोलें। (संकलन-प्रीति चौहान)

