
नर्मदापुरम / आरक्षी केन्द्र देहात का अपराध कमाक 592/23 धारा 294,323/34 (3काउंट), 324/34 (2 काउंट) एवं 506 (भाग-2) भादसं के आधार पर पंजीबद्ध प्रकरण एसटी-18/2024 में दिनांक 17.09.2026 को सेशन न्यायालय नर्मदापुरम् के न्यायालय में निर्णय पारित किया गया। जिसमें अभियुक्तगण तीरनदास लोखंडे को धारा 307 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं धारा 323 के तहत छः-छः माह के सश्रम कारावास एवं 2000/- एवं 600/- अर्थदंड एवं सहअभियुक्त जितेन्द्र राव करण राव अनिल लोखण्डे, ममताबाई एवं लक्ष्मीबाई को धारा 323 (3काउंट) के अंतर्गत छः-छः माह के सश्रम कारावास एवं 600/- से 900/- के अर्थदंड से दंडित किया गया अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में तीन माह एवं 15-15 दिवस के अतिरिक्त कारावास के दंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री सत्येन्द्र सिंह पटेल द्वारा की गई ।
घटना इस प्रकार है कि दिनांक 15.12.2023 को फरियादी विकास मेहरा अपनी मोटरसाईकिल से सामान खरीदने गांव की किराना दुकान पर गया था। सामान खरीद कर अपने घर वापस आते समय शाम करीब 6.30 बजे जब वह अपने घर के सामने रोड पर पहुंचा तभी वहां पर तीरनदास लोखंडे ने पुरानी रंजिश को लेकर जान से मारने की नीयत से अपने पास रखा चाकू निकालकर फरियादी के सिर पर मारा जिससे फरियादी के सिर में चोट आकर खून निकलने लगा और वह जमीन पर गिर गया। वह चिल्लाया तो उसका भतीजा गौरव बीच बचाव करने आया तो तीरनदास ने चाकू से उसके भतीजे गौरव के शरीर में जगह जगह मारा, जिससे उसके भतीजे गौरव को श्रीर में चोट लगकर खून निकलने लगा। इतने में वहा पर अनिल लोखंडे अपने हाथ में फरसा करम लोखेडे अपने हाथ में लोहे की धारदार पट्टी व जितेन्द्र लोखंडे अपने हाथ में धारदार चाकू लेकर आये और तीनों ने अपने में रखे हथियारो से जान से मारने की नीयत से उसके भतीजे गौरव के साथ मारपीट की जिससे उसे सिर में कई जगह व शरीर में सीना पेट जांघ पर कई जगह गंभीर चोटे लगकर खून निकलने लगा। इतने में उसकी भाभी पूजा बीच बचाव करने आई, तो उसी समय लक्ष्मीबाई लोखेडे व ममता लोखंडे अपने अपने हाथों में डंडा लेकर आई और पूजा को जान से मारने की नीयत से दोनो ने मारपीट की। जिससे पूजा को सिर व शरीर के कई जगह चोटे आकर खून निकलने लगा । हल्ला गोहार सुनकर पुष्पा मेहरा सुनील कुशवाहा व जितेन्द्र कुशवाहा आये जिन्होने बीच बचाव किया तो सभी अभियुक्तगण गाली बकते बोले कि इसको जान से खत्म कर देते है। फरियादी विकास के परिजन उसे और सभी आहतगण को इलाज के लिये नर्मदा अपना अस्पताल नर्मदापुरम् लेकर आये। वही इलाजरत रहते हुए फरियादी की सूचना के आधार पर अपराध धारा 307,294,323,34 भादवि के अंतर्गत अपराध की देहाती नालसी जीनो पर लेखबद्ध की गई । तत्पश्चात पुलिस थाना देहात नर्मदापुरम् में अपराध क. 592/2023 की प्रथम सूचना रिपोर्ट धारा 307,294,323,34 भादवि के अंतर्गत दर्ज की गई। जिसका अभियोग पत्र माननीय न्यायालय नर्मदापुरम् के समक्ष पेश किया गया, जहां प्रकरण का विचारण किया गया विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 14 साक्षियों के कथन कराए एवं 39 दस्तावेजों एवं जप्तशुदा सामग्रियों को न्यायालय के समक्ष प्रमाणित कराया गया। इस आधार पर माननीय सेशन न्यायाधीश द्वारा आरोपीगणों को कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया

