
नर्मदापुरम / भाद्रपद शुक्ल पंचमी पर आज धार्मिक नगरी नर्मदापुरम सहित अंचल में ऋषिपंचमी का पर्व परम्परागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। गणेश चतुर्थी के अगले दिन मनाए जाने वाले इस पर्व पर महिलाओं ने मां नर्मदापुरम में पुण्य स्नान कर हल्दी, चंदन, पुष्प, अक्षत और नैवेद्य के साथ सप्तऋषि – कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ की पूजा की। कई स्थानों पर वशिष्ठ पत्नी देवी अरुंधती का भी स्मरण किया गया। व्रत कथा का श्रवण कर महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-शांति की कामना की। धार्मिक मान्यता है कि ऋषि पंचमी का व्रत अनजाने में हुए दोषों और पापों से मुक्ति तथा आत्मशुद्धि का पर्व है। भारतीय संस्कृति में यह पर्व ज्ञान, तप और ऋषि परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है।

