
नर्मदापुरम / शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में विविध साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि, गौरव और रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना विकसित करने के साथ ही हिंदी के राष्ट्रीय एवं वैश्विक महत्व से परिचित कराना था।कार्यक्रम के दौरान हिंदी के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व, राजभाषा के रूप में इसकी भूमिका तथा हिंदी की समृद्ध साहित्यिक परंपरा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने अपने उद्बोधन में राष्ट्र की एकता में हिंदी की भूमिका तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने छात्राओं को हिंदी के प्रति गौरव की भावना रखने तथा नियमित पठन-पाठन के माध्यम से भाषा के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. हरप्रीत रंधावा ने कहा कि सभी भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने साहित्य के माध्यम से भाषाओं के बीच जुड़ाव और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने पर बल दिया। कार्यक्रम की संयोजक एवं NSS अधिकारी श्रीमती प्रेमलता पाटिल, सहायक प्राध्यापक (हिंदी), ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मपहचान की भाषा है। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से छात्राओं को संदेश दिया कि अपनी भाषा का सम्मान करना अपनी जड़ों, संस्कृति और पहचान का सम्मान करना है। इस अवसर पर छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपनी साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समीक्षा पांडे एवं प्राची अमोले ने गीत प्रस्तुत किया। मिताक्षरा ककोड़िया एवं मीनाक्षी व्यौहार ने हिंदी विषय पर भाषण प्रस्तुत किए, जबकि शिवानी अहिरवार, क्रिस्टीना सावाल्दे एवं अंशिका सराठे ने निबंध लेखन में सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शिरीष परसाई ने आभार व्यक्त करते हुए हिंदी भाषा की वैज्ञानिकता के विभिन्न प्रमाण प्रस्तुत किए। उन्होंने हिंदी की संरचना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यापक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

