

नर्मदापुरम / भारकच्छ कला (रायसेन) / ग्राम भारकच्छ कला स्थित शासकीय बालक माध्यमिक शाला का भवन पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं और छत से लगातार टूट-फूट का खतरा बना हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई एक ही हॉल में दो पारी में संचालित की जा रही है। प्राथमिक कक्षाएँ (कक्षा 1 से 5) सुबह की पारी में लगभग 75 विद्यार्थियों के साथ चलती हैं, जबकि माध्यमिक कक्षाएँ (कक्षा 6 से 8) दोपहर की पारी में लगभग 64 विद्यार्थियों के साथ लगाई जाती हैं।
एक ही हॉल में सभी कक्षाएँ संचालित होने से न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि बच्चों में अनुशासन और पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि विद्यालय का कार्यालय भी इसी जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। दीवारें और छत कभी भी गिरने की स्थिति में हैं, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों और विद्यालय स्टाफ ने कई बार भवन की मरम्मत या नवीन निर्माण की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों में आक्रोश है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शिक्षा विभाग पर होगी।
अब बड़ा सवाल यही है — क्या प्रशासन किसी दुर्घटना के बाद जागेगा, या पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे?

