
नर्मदापुरम / कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य महाविद्यालयीन जीवन, नई शिक्षा नीति तथा शैक्षणिक-सांस्कृतिक वातावरण से परिचित कराना है। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिसर से औपचारिक परिचय कराया तथा कक्षाओं के नियमित संचालन, समय-सारणी और अनुशासन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। दीक्षा आरंभ सप्ताह के आगामी दिनों में विभिन्न विषयक व्याख्यान, कार्यशालाएं एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिससे विद्यार्थियों का बहुआयामी विकास सुनिश्चित किया जा सके । बी.एस. सी द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने पारंपरिक तरीके से पुष्पगुच्छ देकर नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. के. मिश्रा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने और शिक्षण-प्रशिक्षण प्रक्रिया को गहराई से समझने का एक अनूठा अवसर है। अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कौशल, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करना चाहिए। इस दो साप्ताहिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अभिवृद्धि आधारित गतिविधियां रखी गई हैं। इसमें अध्यापक परिचय, पुस्तकालय परिचय, प्रयोगशाला परिचय, मार्गदर्शक-विद्यार्थी संवाद, परिसर भ्रमण, खेल परिचय, जीवन कौशल पर व्याख्यान, पूर्व छात्र वार्ता, स्थानीय भ्रमण, और विषय-परिचय सत्र सम्मिलित हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉ धनंजय कठल,डॉ शोभाराम अंजनावे, डॉ. गुलफिशा फिरदौस अहमद, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. अमिता पचौरी, डॉ. दीपक खंडे, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. संजय सिंह चौहान, डॉ. सुनील पांडे, डॉ. सोनल प्राध्यापक एवं समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।

