

नर्मदापुरम / सेवा भारती जिला नर्मदापुरम द्वारा आज ग्राम धुरपन पर सुपोषण जागरूकता अभियान_ चलाया गया। इस अभियान में उपस्थित श्रीमती सुमित्रा तोमर, सुश्री दीपा उईके, श्रीमती पूनम तोमर, सुश्री काव्या पटेल श्रीमती रश्मि मिश्रा दीदी
सुपोषण पर विशेष उद्बोधन…..
वक्ताओं ने कहा कि सुपोषण का अर्थ केवल पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को सही मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और ऊर्जा देना है। आज भी हमारे समाज में जानकारी के अभाव में कुपोषण की समस्या बनी हुई है, जिसका सीधा असर माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
1. गर्भवती माताओं के लिए हरी सब्जी, दाल, दूध, फल और आयरन युक्त आहार अति आवश्यक है।
2. 0 से 5 वर्ष के बच्चों में पहले 1000 दिन (गर्भ से 2 वर्ष तक) सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय स्तनपान और घर का बना पौष्टिक आहार ही बच्चे का भविष्य तय करता है।
3. दैनिक जीवन में जंक फूड से बचकर मोटा अनाज, अंकुरित अनाज एवं मौसमी फलों को अपनाना चाहिए।
4. पोषण के साथ-साथ स्वच्छता, साफ पानी और हाथ धोने की आदत भी सुपोषण का ही हिस्सा है।
सेवा भारती का संकल्प है – सुपोषित माँ, सुपोषित बच्चा, सशक्त भारत। इस अभियान के माध्यम से बस्ती-बस्ती जाकर माताओं-बहनों को जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय मातृशक्ति, कार्यकर्ता एवं छात्रावास की बहिनें उपस्थित रही एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सुपोषण पर संदेश दिया गया।

