

नर्मदापुरम / शहर में चोरों के हौसले इस कदर बढ़ते जा रहे हैं कि अब मंदिर और भगवान की पूजा सामग्री भी सुरक्षित नहीं रह गई है। रविवार को जगदीशपुरा स्थित ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय परिसर के हनुमान मंदिर से भगवान की तांबे से निर्मित पिंडी (नाग देवता) चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर से जुड़े लोगों ने कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
पंडित राजू दुबे ने बताया कि मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह करीब 6:30 बजे खुल जाते हैं। सुबह करीब 8 बजे तक पूजा-अर्चना होती है और मंदिर दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। रविवार को सुबह करीब 9 बजे एक श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसकी नजर उस स्थान पर गई, जहां भगवान की तांबे से निर्मित पिंडी रखी रहती थी। पिंडी वहां नहीं मिलने पर श्रद्धालु ने तत्काल इसकी सूचना पंडित राजू दुबे को दी।
इसके बाद पंडित राजू दुबे ने मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मंदिर में कौन आया था और किस व्यक्ति ने पूजा स्थल से तांबे की पिंडी उठाकर ले गया।
भगवान की सामग्री तक नहीं छोड़ रहे चोर….
शहर में चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। अब चोर मंदिरों में रखी भगवान की सामग्री को भी निशाना बनाने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर जैसी धार्मिक जगह से पूजा सामग्री चोरी होना गंभीर मामला है, पुलिस जांच में जुटी।

