

नर्मदापुरम / शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में भगवान बलराम जयंती के अवसर पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भगवान बलराम जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्राचार्य डॉ. आर एस मेहरा ने बलराम जयंती की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कृषि उपकरणों के महत्व की जानकारी दी। महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. हरप्रीत रंधावा ने अपने उद्बोधन में भगवान बलराम के जीवन से जुड़ी एक प्रेरक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बलराम जी की पत्नी देवी रेवती के पिता राजा ककुद्मि अपनी पुत्री के लिए योग्य वर की तलाश में ब्रह्मलोक तक गए थे और अंततः भगवान बलराम के रूप में उन्हें योग्य वर प्राप्त हुआ। यह कथा हमें सिखाती है कि माता-पिता अपनी संतान के सुख के लिए किस सीमा तक त्याग करते हैं।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन श्रीमती प्रेमलता पाटिल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को भारतीय ज्ञान परंपरा, कृषि संस्कृति, श्रम एवं प्रकृति के प्रति सम्मान से परिचित कराना तथा भगवान बलराम के जीवन और आदर्शों के माध्यम से कृषि एवं आत्मनिर्भरता के महत्व को समझाना रहा।

