
नर्मदापुरम / इटारसी के प्रमुख और सशक्त सिंधी समाज के सबसे बड़े धार्मिक अनुष्ठान ‘झूलेलाल चालीहा महोत्सव’ का रविवार को अपार श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ समापन हो गया। 40 दिनों तक चले इस महापर्व के अंतिम दिन पूरा शहर सिंधी संस्कृति और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। पूज्य पंचायत सिंधी समाज और झूलणं सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के समापन पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। ‘आयोलाल-झूलेलाल’ के जयकारों और पारंपरिक छेज नृत्य ने पूरे शहर का माहौल धर्ममय कर दिया।
40 दिन की कठिन तपस्या और अटूट आस्था….
सिंधी समाज में भगवान श्री झूलेलाल चालीहा को मनोकामना पूर्ण करने वाला सबसे पवित्र और कठिन व्रत माना जाता है। इष्टदेव भगवान झूलेलाल साईं की कृपा प्राप्त करने के लिए समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने 40 दिनों का कठिन उपवास रखा। इन 40 दिनों के दौरान इटारसी के झूलेलाल मंदिर में आस्था का मेला लगा रहा। प्रतिदिन सुबह और शाम पारंपरिक सिंधी भजनों के साथ महाआरती की गई और देर रात तक कीर्तन का दौर चलता रहा।
21 बहराणा साहब का हुआ निर्माण, संतों ने दिया आशीर्वाद….
चालीहा महोत्सव के समापन का सबसे प्रमुख और पवित्र आकर्षण बहराणा साहब होता है। रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में 21 बहराणा साहब का भव्य निर्माण किया गया। दिन भर मंदिर में भजन-कीर्तन और विशेष प्रार्थनाओं का दौर चला। इस विराट आयोजन में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के लिए विशेष रूप से गुजरात से साईं मनीष लाल और ठाणे (मुंबई) से गुल साईं का आगमन हुआ। संतों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने इष्टदेव की आराधना की।
आकर्षण का केंद्र रहा पारंपरिक ‘छेज’ नृत्य….
शाम को बहराणा साहब की पावन ज्योत प्रज्वलित करने के बाद मंदिर से एक भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सिंधी समाज के पुरुषों और महिलाओं ने बहराणा साहब की दिव्य थाल को पूरी श्रद्धा के साथ अपने सिर पर धारण किया और पारंपरिक लोक नृत्य छेज (डांडिया शैली का लोक नृत्य) करते हुए निकले। सिंधी कॉलोनी की सभी सातों गलियों से होते हुए जब यह शोभायात्रा मुख्य मार्गों से गुजरी, तो शहरवासी इस भव्यता को देखते रह गए।
मां नर्मदा के तट पर विसर्जन के साथ व्रत का पारण….
सिंधी कॉलोनी से भ्रमण करते हुए यह विशाल शोभायात्रा शेरावाली दरबार पहुंची। यहां से समाज का यह कारवां विसर्जन के लिए नर्मदापुरम की ओर रवाना हुआ। रात को पवित्र मां नर्मदा नदी के तट पर पूरे आदर-सत्कार, वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच बहराणा साहब की पावन ज्योति व पूजन सामग्री को नर्मदा जल में विसर्जित (शीतल) किया गया। विसर्जन की इस पवित्र क्रिया के पश्चात 40 दिनों से कठिन उपवास कर रहे व्रतियों ने अपने उपवास का पारण किया और शहर तथा समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
आगजनी में देवदूत बने दमकल कर्मियों का हुआ सम्मान…..
झूलेलाल चालीहा महोत्सव के समापन अवसर पर उन सीपीई दमकल कर्मियों और ट्रूप्स का विशेष सम्मान किया गया, जिन्होंने गुरुवार को शहर में हुई भीषण आगजनी की घटना में आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इनमें सूबेदार तिलक शर्मा सहित अग्निशमन विभाग और ट्रूप्स सीपीई इटारसी के निकेश रावत (एल.एफ.), निशांत मालवीया (एल.एफ.), अमित डेबगड़े (एल.एफ.), सुरेन्द्र सिंह मेहरा (एल.एफ., राजेश साहू (एफ.ई.डी.), कार्तिक श्रीवास्तव (एफ.ई.डी.), अजय तिवारी (एफ.ई.डी.), मयूर भेडलवार (फायरमेन), रूपेन्द्र चौरे (एल.एफ.), ट्रूप्स सीपीई, इटारसी, हवलदार अनूप कुंडू, हवलदार हरविन्दर सिंह, हवलदार वासु मोतारी, लांस नायक रमाकांत, लांस नायक संजू, लांस नायक समीर प्रधान, हवलदार राजेश चक्रवर्ती शामिल हैं।

