
नर्मदापुरम / शासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शासकीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देना अनिवार्य किया गया है। संगठन को परीक्षा आयोजित किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शासन के निर्देश पर परीक्षा देने वाले शासकीय शिक्षकों से ₹1000 परीक्षा शुल्क लिया जाना न्यायसंगत एवं उचित नहीं है।
शासकीय शिक्षक शासकीय लोक सेवक हैं तथा शासन के निर्देश पर ही शिक्षक पात्रता परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में परीक्षा शुल्क का आर्थिक भार शिक्षकों पर डालने के बजाय मध्य प्रदेश शासन एवं लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा वहन किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ, जिला नर्मदापुरम ने शासन से पुरजोर मांग की है कि शासकीय शिक्षकों से लिया जाने वाला ₹1000 परीक्षा शुल्क तत्काल समाप्त किया जाए तथा शिक्षक पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी शासकीय शिक्षकों को शुल्क-मुक्त परीक्षा की सुविधा प्रदान की जाए।
संगठन का स्पष्ट मत है कि शासन के आदेश पर अनिवार्य रूप से परीक्षा देने वाले शासकीय कर्मचारियों से परीक्षा शुल्क वसूलना उचित नहीं है। अतः शासन इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के हजारों शिक्षकों को आर्थिक राहत प्रदान करे।
मांग करने वाले पदाधिकारी…
– के. के. मालवीय — संभागीय अध्यक्ष,
– पुरुषोत्तम दुबे — संभागीय सचिव,
– नवीन पटेल — संगठन मंत्री,
– मालकजी पटेल — जिला अध्यक्ष,
– अजीत सिंह भदोरिया — जिला सचिव,
– राजेश कुमार सांकुले — जिला कोषाध्यक्ष,
– लखन सिंह राजपूत — जिला उपाध्यक्ष,
– राजेश कुमार चौधरी — जिला उपाध्यक्ष,
– महेश कुमार रायकवार जिला मीडिया प्रभारी।

