निष्पक्ष जांच की मांग, लोगों का कहना सात पीढ़ियों से पुंज रहा मंदिर
दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम।
शहर के वार्ड 30 स्थित ग्वालटोली के श्रीवास मोहल्ले में लगभग सात पीढ़ियों से आस्था का केंद्र रहे महादेवी मंदिर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। श्रद्धालुओं और रहवासियों का कहना है कि मंदिर में स्थापित महादेवी की मूर्ति सिद्ध एवं प्राचीन मानी जाती है और क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था इससे गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे में मंदिर को तोड़े जाने या हटाए जाने की चर्चा से लोगों में नाराजगी है। मंदिर लंबे समय से मोहल्ले की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। पीढ़ियों से यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि उनकी आस्था, परंपरा और धार्मिक विरासत का हिस्सा है। मंदिर को लेकर स्थानीय पार्षद सहित कुछ लोगों द्वारा इसे तोड़ने या हटवाने का प्रयास किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों और विभिन्न संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है। शिकायत कलेक्टर से करते हुए मंदिर को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाए जाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सात पीढ़ियों से पूजित मंदिर को हटाने या तोड़ने की कोशिश से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और जांच पूरी होने तक मंदिर के संबंध में किसी भी तरह की तोड़फोड़ न हो।

