

नर्मदापुरम / स्थानीय सरगम सांस्कृतिक संस्था द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक भव्य देशभक्ति गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार खेमचंद यादवेश उपस्थित रहे। उन्होंने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि श्री यादवेश ने अपने उद्बोधन में संस्था के इस अनूठे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगीत एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो सीधे दिल को छूता है। इसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति के गीतों के प्रति यह उत्साह देखना बेहद सुखद है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और अपनी संस्कृति के प्रति गौरव की भावना सुदृढ़ होती है।
कार्यक्रम में शहर के अनेक उभरते गायकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने संगीत वाद्यों पर “है प्रीत जहां की”, “ऐ मेरे वतन के लोगों”, “तेरी मिट्टी”, “संदेशे आते हैं”,”छोड़ो कल की बातें” और “जहाँ डाल डाल पर” जैसे देशभक्ति गीतों की एक से बढ़कर एक सुरीली प्रस्तुतियां दीं। पूरा सभागार देशभक्ति के सुरों से सराबोर हो गया और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर सोहन सिंह चौहान ने देखो वीर जवानों, राकेश दुबे ने संदेशे आते हैं, अमित गौर ने हर करम अपना करेंगे तथा आशा राजपूत ने ए मेरे प्यारे वतन गाकर कार्यक्रम को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। देवयानी कहार, प्रियांशी प्रजापति, प्रकाश प्रजापति, देवेंद्र कहार, भरत कहार, चंद्रशेखर प्रजापति, रुद्र प्रताप राजपूत व अविका गौर ने भी अपनी सुरीली आवाज से सभी को प्रभावित किया। रुद्र प्रताप व चंद्रशेखर ने ताल वादयों से संगत कर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्री यादवेश ने स्वरचित कविता मां शारदे.. सुनाई । परम्परानुसार नर्मदे हर भजन की सामूहिक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संस्था संचालक पंडित महेश तिवारी ने मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य नागरिकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया एवं सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहर के संगीतप्रेमी और प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

