


नर्मदापुरम / जिले में बीएसी एवं सीएसी की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। 24 जून 2026 को जारी नवीनतम आदेश क्रमांक 3740 के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग की कार्यवाही 6 अगस्त से आयोजित की जानी थी।
बताया जा रहा है कि कुछ शासकीय शिक्षक संगठन के संभाग अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2015 एवं 2020 के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
वहीं, विभागीय स्तर पर यह तर्क दिया जा रहा है कि अधिकारियों द्वारा वर्तमान में प्रभावी एवं नवीनतम शासनादेश के अनुरूप ही कार्यवाही की जा रही थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि 24 जून 2026 का नवीनतम आदेश गलत अथवा अमान्य था, तो उसी आदेश के आधार पर 6 अगस्त 2026 को काउंसलिंग की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित की गई?
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2020 में शासन के निर्देशानुसार बीएसी-सीएसी पद से हटाए गए कुछ लोग इस निर्णय के विरुद्ध न्यायालय भी गए थे। बताया जाता है कि न्यायालय से भी उन्हें राहत नहीं दी । अब आरोप है कि उसी पुराने विवाद की नाराजगी के चलते वर्तमान बीएसी-सीएसी प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है तथा अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि वरिष्ठता, पुरानी पेंशन, छठवें वेतनमान और टीईटी जैसे विभिन्न विषयों को लेकर भी पूर्व में साथियों के बीच इन्हीं लोगों के द्वारा भ्रम की स्थिति पैदा की गई। उनका आरोप है कि अब इन्हीं पुराने मुद्दों को वर्तमान बीएसी-सीएसी नियुक्ति प्रक्रिया से जोड़कर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि शासन द्वारा समय-समय पर जारी नवीनतम आदेशों के अनुसार ही अधिकारियों को कार्यवाही करनी होती है। ऐसे में ऐसे आदेशों के आधार पर कार्यवाही कराने का प्रयास, जो वर्तमान में प्रभावी नहीं हैं, प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
अब कर्मचारियों और शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीएसी एवं सीएसी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर शासन अथवा विभाग की ओर से आगे क्या स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
नवीनतम आदेश 24 जून ,2026 के निर्देश जिसमें स्पष्ट लिखा हुआ है कि केवल पद पूर्ति की जाए तात्पर्य जहां जहां भी पद रिक्त है है उन्हीं रिक्त पदों की पूर्ति जाए। एवं उक्त नवीन पत्र में ऐसा कोई उल्लेख ही नहीं है कि सभी पदों को रिक्त कर दिया जाकर पद पूर्ति की जाए।
प्रशासन नवीन निर्देशों के अनुरोलुप केवल पद पूर्ति करते है अथवा
या अन्य संगठनों द्वारा 2015 ओर ,2020 के आदेश को लेकर की जा रही भ्रामक खबरों के आधार पर सभी पद रिक्त करते है।

