


नर्मदापुरम / नर्मदा एजुकेशन सोसायटी कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन, नर्मदापुरम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योत्सना खरे द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्रा कुमारी दामिनी अहिरवार, सुमित राय, प्रद्युम्न कुमार मालवीय एवं सुनील कुमार मेहरा ने विभाजन विभीषिका के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने विभाजन के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं मानवीय प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
महाविद्यालय के प्राध्यापक रविशंकर मिश्रा ने कहा कि विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का परिवर्तन नहीं था, बल्कि इसने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास की त्रासद घटनाओं से सीख लेकर भाईचारे एवं सद्भाव की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
डॉ. कमलेश शुक्ला ने अपने वक्तव्य में कहा कि विभाजन की स्मृतियां हमें राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व का बोध कराती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को परस्पर सम्मान, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रहित की भावना को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. ज्योत्सना खरे ने कहा कि “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें इतिहास के उस अध्याय को स्मरण करने का अवसर देता है, जिसने असंख्य परिवारों को प्रभावित किया। हमें अतीत की पीड़ा से सीख लेकर वर्तमान और भविष्य में एकता, शांति, सद्भाव तथा राष्ट्र की अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थी एवं संपूर्ण स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं सद्भावना के संदेश को आत्मसात किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में ऐतिहासिक चेतना, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव की भावना को सुदृढ़ करने वाला रहा।

