

नर्मदापुरम / नई दिल्ली / मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत ‘हर घर नल से जल’ योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने सक्रिय सहभागिता करते हुए नर्मदापुरम जिले में गहराते भूजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
सांसद नारोलिया ने बताया कि नर्मदापुरम जिले के सिवनीमालवा, केसला और पिपरिया विकासखंडों के 46 गांवों में भूजल स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। इन क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन तथा अपेक्षाकृत कम पुनर्भरण भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने इस समस्या के स्थायी और तकनीकी रूप से उपयुक्त समाधान के लिए भूजल पर निर्भरता कम करने तथा नर्मदा नदी और प्रमुख जलाशयों के सतही जल पर आधारित ‘समूह जल प्रदाय योजना’ लागू किए जाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजना से इन गांवों की बड़ी आबादी को दीर्घकालिक जल सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।
सांसद ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल हर घर तक नल पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार को नियमित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्थानीय जल परिस्थितियों के अनुरूप दीर्घकालिक और टिकाऊ जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।
बैठक में केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश से राज्यसभा एवं लोकसभा सांसदों ने भी बैठक में सहभागिता की और प्रदेश से जुड़े जलापूर्ति एवं जल संरक्षण के विभिन्न मुद्दों पर विचार रखे।
बैठक में नर्मदापुरम जिले के 46 गांवों में सतही जल आधारित समूह जल प्रदाय योजना की मांग को प्रमुखता से रखने को क्षेत्र की दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

