


नर्मदापुरम / रविवार को सुबह से हो रही तेज बारिश के बीच टपकेश्वर महादेव कावड़ यात्रा अपार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ प्रारंभ हुई। लगातार हो रही बारिश भी शिवभक्तों के हौसले और आस्था को डिगा नहीं सकी। यात्रा संयोजक एवं समाजसेवी सत्या चौहान ने मां नर्मदा की विधिवत पूजा-अर्चना कर एवं कांवड़ में पावन जल भरकर इस यात्रा का शुभारंभ किया।
यह कावड़ यात्रा सोमवार को टपकेश्वर महादेव मार्ग की मनमोहक प्राकृतिक वादियों, हरियाली और झरनों से होकर गुजरी। बारिश के कारण पूरे वेग से बहते झरनों ने यात्रा मार्ग के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा दिए। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने रास्ते में पड़ने वाले झरनों में स्नान किया और भगवान शिव का स्मरण करते हुए अपनी यात्रा आगे बढ़ाई। प्रकृति के इस अद्भुत वातावरण के बीच गूंजते “हर-हर महादेव” और “बोल-बम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।
बारिश के बीच नारी शक्ति ने दिखाया अद्भुत समर्पण….
कावड़ यात्रा में मातृशक्ति की विशेष सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही। तेज बारिश की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में महिलाएं भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में शामिल हुईं। महिलाओं ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ कावड़ यात्रा में अपनी भागीदारी निभाकर इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, गणमान्य नागरिक रहे मौजूद….
यात्रा में विप्र जनों के रूप में आचार्य पंडित मुकेश तिवारी, कथावाचक आचार्य प्रभुता व्यास और आचार्य पंडित संजय दुबे सहित अनेक श्रद्धालु कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। पूरे यात्रा मार्ग पर कांवड़ियों का भव्य स्वागत एवं सत्कार किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव, प्रदीप नागर, ऑटो संघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, बद्री प्रसाद केवट और कैलास मेवारी, बेज़यंती अहिरवार सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश….
यात्रा संयोजक सत्या चौहान ने कहा कि भगवान शिव की भक्ति के सामने मौसम की हर कठिनाई छोटी है। भारी बारिश के बावजूद जिस संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए, वह शिवभक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी कांवड़ियों, मातृशक्ति, विप्रजनों और स्वागतकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।
वहीं, आचार्य पंडित मुकेश तिवारी ने कहा कि टपकेश्वर महादेव कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति, सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता का अनूठा प्रतीक है। भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की सहभागिता उनके समर्पण को दर्शाती है।
श्रद्धा और प्रकृति का अद्भुत संगम….
प्राकृतिक वादियों, झरनों और बारिश के बीच निकली यह कावड़ यात्रा श्रद्धा और प्रकृति के अनूठे संगम की साक्षी बनी। कांवड़ में मां नर्मदा का पावन जल लेकर शिवभक्त पूरे मार्ग भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय देते हुए टपकेश्वर महादेव की ओर बढ़ते रहे।

