
नर्मदापुरम / श्रीनाथजी का हांडी उत्सव (हांडी मनोरथ) पुष्टिमार्ग की एक अत्यंत मनोहर उत्सव-परंपरा है। यह उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की माखन-चोरी और दही-हांडी की बाल-लीलाओं की स्मृति में मनाया जाता है। इसका प्रमुख आयोजन राजस्थान के श्रीनाथजी मंदिर सहित अनेक पुष्टिमार्गीय हवेलियों में होता है।
हांडी उत्सव का भाव
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– श्रीनाथजी को नंदबाबा के घर के बालकृष्ण के रूप में श्रृंगारित किया जाता है।
– मंदिर में दही, माखन, मिश्री और नवनीत से भरी हुई सुंदर हांडियाँ सजाई जाती हैं।
– यह उत्सव भगवान की उस बाल-लीला का स्मरण कराता है जब वे ग्वालबालों के साथ मिलकर ऊँचाई पर टंगी माखन की हांडी फोड़ा करते थे।
उत्सव की मुख्य विशेषताएँ
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– विशेष शृंगार और झाँकी।
माखन, दही, मिश्री, दूध तथा अन्य दुग्ध-भोग का अर्पण।
– हवेली संगीत में कृष्ण की बाल-लीलाओं के पदों का गायन।
– वैष्णव भक्तों द्वारा उत्सव-दर्शन और प्रसाद ग्रहण।
धार्मिक महत्व
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पुष्टिमार्ग में यह उत्सव केवल हांडी फोड़ने का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह भगवान के प्रति वात्सल्य, प्रेम और सेवा-भाव का उत्सव है। भक्त स्वयं को ब्रज के ग्वालबाल मानकर श्रीनाथजी की बाल-लीला का रसास्वादन करते हैं। (संकलन – प्रीति चौहान)

