
नर्मदापुरम / गुरुवार को नर्मदे रिवर व्यू रिजॉर्ट कोरीघाट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जिसमें ताशकंद उज़्बेकिस्तान से आई शबनम बेगम, उषा सैनी, पंडित भवानी शंकर शर्मा, बीआर सैनी, तेज कुमार गौर ने पत्रकार वार्ता में भारतीय संस्कृति को किस तरह से उज्बेकिस्तान में बढ़ाया जा रहा है एवं प्रचार प्रसार किया जा रहा है इस पर जवाब दिए। शबनम बेगम ने बताया कि उज्बेकिस्तान में भारतीय नृत्य एवं गीतों के दीवाने हैं। लोग और यह संस्कृति हम लोग अत्यधिक पसंद करते हैं। बस इसीलिए हमारे देश के युवा बच्चे भारत में सीखने आया करते हैं। सरस्वती म्यूजिक कॉलेज दिल्ली की एक ब्रांच ताशकंद में भी वर्षों से संचालित हो रही है। जिसमें कथक नृत्य, क्लासिकल संगीत, भारतीय सिनेमा में गाये गीतों को सुर-ताल में प्रस्तुत करना एवं नृत्यों को सिखाया जाता है तथा पेंटिंग आर्ट को भी सिखाया जाता है। उज्बेकिस्तान के नागरिक युवा, बच्चों एवं उनके परिजनों में भारतीय संस्कृति को जानने एवं सीखने अत्यधिक रुचि होती है।

