
नर्मदापुरम / सिवनी मालवा / मध्यप्रदेश पटवारी संघ की वर्षों से लंबित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सिवनी मालवा तहसील के सभी पटवारियों ने बुधवार से अपने अभिलेख तहसील कार्यालय में जमा कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन के चलते तहसील क्षेत्र में राजस्व विभाग के अनेक महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में भी इसी मांग को लेकर पटवारी हड़ताल पर हैं, जिससे राजस्व व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
20 जुलाई को दिया था ज्ञापन, नहीं निकला समाधान…..
पटवारी संघ तहसील सिवनी मालवा द्वारा तहसीलदार को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ, भोपाल के आह्वान पर पांच सूत्रीय मांगों के संबंध में 20 जुलाई 2026 को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद भी शासन स्तर पर मांगों का निराकरण नहीं होने से चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए 5 अगस्त 2026 से सभी पटवारियों ने तहसील कार्यालय में अभिलेख जमा कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। पत्र में प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की गई है।
तहसील में ठप पड़ सकते हैं राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य…..
पटवारियों के कार्य से विरत होने के बाद नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा एवं खसरा संबंधी कार्य, फसल गिरदावरी, राजस्व अभिलेखों का संधारण, भूमि संबंधी प्रतिवेदन तथा किसानों और आम नागरिकों से जुड़े अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो सकते हैं। यदि हड़ताल लंबी चली तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों की गति भी धीमी पड़ने की आशंका है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बना सिवनी मालवा….
सिवनी मालवा की हड़ताल कोई स्थानीय निर्णय नहीं बल्कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है। संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए कई बार शासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया, जो अब अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल चुका है।
प्रशासन और शासन पर टिकी निगाहें…..
अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो राजस्व व्यवस्था पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। किसानों, भू-स्वामियों तथा आम नागरिकों के भूमि संबंधी कार्य लंबित होने की आशंका है। वहीं पटवारी संघ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा।

