
नर्मदापुरम / इटारसी / मध्यप्रदेश पटवारी संघ, तहसील शाखा इटारसी के पटवारियों ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत वर्षों से लंबित पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग करते हुए बस्ता जमा कर पूर्ण कलमबंद हड़ताल प्रारंभ कर दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखता आ रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री से पूर्व में हुए आश्वासन के बावजूद न तो पटवारी महाधिवेशन आयोजित किया गया और न ही लंबित मांगों पर निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेश का पटवारी संवर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू कर पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ देना, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित करना, पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करना, विभिन्न योजनाओं के लंबित मानदेयों का भुगतान करना तथा संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किए गए तबादलों को निरस्त करना शामिल है। साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने की भी मांग की गई है।
संघ ने बताया कि मांगों के समर्थन में पहले तीन दिवसीय सांकेतिक सामूहिक अवकाश भी लिया गया था, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने के कारण चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया। आंदोलन के तहत 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया गया, जबकि 6 अगस्त से शासकीय व्हाट्सएप समूहों एवं सभी ऑनलाइन कार्यों, जैसे वेबजीआईएस, सारा एप सहित अन्य ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जा रहा है। इसके साथ ही 6 अगस्त से मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन पूर्ण कलमबंद हड़ताल भी प्रारंभ कर दी गई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि आंदोलन के दौरान यदि किसी भी तहसील में पटवारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई की जाती है तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा। संघ का कहना है कि हड़ताल के कारण किसानों एवं आमजन को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आज इटारसी तहसील में मध्य प्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र जाटव ओर संभाग अध्यक्ष कन्हैया लाल व्यास के नेतृत्व में तहसीलदार रामशंकर झरबड़े इटारसी को ज्ञापन दिया गया।

