
नर्मदापुरम / सिवनी मालवा / तहसील क्षेत्र में सड़कों और ग्रामीण इलाकों में विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रशासन और जनसहभागिता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। समाजसेवी संतोष पारीख और एसडीएम विजय राय के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित ‘गौमाता चातुर्मास यात्रा’ के माध्यम से करीब 2400 निराश्रित गोवंश को सुरक्षित रूप से ग्राम बांदर खो स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला पहुंचाया गया। लगभग 40 किलोमीटर लंबी यह यात्रा करीब 18 घंटे तक चली और देर रात सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
तहसील क्षेत्र की 10 शासकीय गौशालाएं (प्रत्येक 100 क्षमता) तथा एक अस्थायी गौशाला (300 क्षमता) पहले से ही पूर्ण रूप से भरी हुई थीं। ऐसे में निराश्रित गोवंश के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान बांदर खो स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला, जिसकी कुल क्षमता 5000 है, में लगभग 2500 गोवंश रखने की व्यवस्था उपलब्ध होने की जानकारी मिली। गौशाला प्रबंधन द्वारा शासन से क्षेत्र के निराश्रित गोवंश को यहां आश्रय देने का आग्रह किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने इस दिशा में तेजी से कार्ययोजना तैयार की।
10 दिन तक चली तैयारी, गांव-गांव हुई बैठकें…..
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन से एस दिन विजय रायऔर समाजसेवी संतोष पारीख द्वारा कुसुम महाविद्यालय में बैठक का आयोजन किया गया जिसमे ग्राम के कुटवार, जनपद के सचिव, सरपंच, समाजसेवी तथा समस्त अधिकारियों को बुलाकर इस रूप रेखा से अवगत कराया गया साथ ही गांव गांव बैठक कर किसानों को समझाया गया कि वो अपने खेत की सुरक्षा भी करे इस दिन गौ माता आएगी । लगातार दस दिनों तक गांव-गांव बैठकों का आयोजन किया। गौसेवकों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर यात्रा की पूरी रणनीति तैयार की गई। प्रशासन ने मार्ग, सुरक्षा, भोजन, पानी और गोवंश के सुरक्षित संचालन की विस्तृत व्यवस्था बनाई।
हिरनखेड़ा से हुआ शुभारंभ, 40 किलोमीटर पैदल चली यात्रा….
स्थानीय लोकमान्यता के अनुसार ग्राम हिरनखेड़ा स्थित पवित्र तालाब से शुक्रवार सुबह 6 बजे यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों से निराश्रित गोवंश को साथ जोड़ते हुए पैदल बांदर खो स्थित गौशाला तक पहुंचाया गया। पूरे मार्ग में पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था संभाली, जिससे यात्रा बिना किसी बड़ी बाधा के आगे बढ़ती रही।
18 घंटे तक लगातार पैदल साथ रहे ये लोग…..
एसडीएम विजय राय, सीएमओ, तहसीलदार,ग्रामों के कोटवार समाजसेवी संतोष पारीख, प्रवीण पाणिकर, दीपक पालीवाल, राजा तिवारी, अक्षत राजपूत ये लोग सुबह 5 बजे से हीरानखेड़ा से लेकर लगातार रात को 12 बजे तक बंदर खो गौ शाला पहुंचने तक गौ वंश के साथ लगातार पैदल चले इन लोगों ने केवल व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की बल्कि रास्ते में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान भी कराया।
बेहोश हुई गाय को बचाया, फिर यात्रा में हुई शामिल….
यात्रा के दौरान एक भावुक क्षण उस समय आया जब लगातार चलते रहने से एक गाय अचानक रास्ते में गिरकर बेहोश हो गई। स्थिति देखते ही प्रशासन और गौसेवकों ने तत्काल सुरक्षा घेरा बनाकर प्राथमिक उपचार शुरू कराया। एसडीएम विजय राय, समाजसेवी संतोष पारीख और सहयोगियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरी व्यवस्था संभाली। कुछ समय बाद गाय स्वस्थ हुई और पुनः अपने झुंड के साथ यात्रा में शामिल होकर सुरक्षित गौशाला पहुंच गई।
रात 12 बजे पूरा हुआ अभियान…
करीब 18 घंटे तक चले अभियान के बाद देर रात लगभग 12 बजे सभी 2400 निराश्रित गोवंश को सुरक्षित रूप से बांदर खो स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला में पहुंचा दिया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में खुले में घूम रहे बड़ी संख्या में गोवंश को स्थायी आश्रय मिल गया। प्रशासन का मानना है कि इससे राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर होने वाली गोवंश से संबंधित सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
अब हादसों पर लगेगा लगाम…..
बारिश में सभी गौ वंश सड़क पर आ जाते थे जिससे शहर और ग्राम में लगातार हादसे होते थे जिसमें लगभग 10 गौ वंश प्रतिदिन और 5 लोग प्रतिदिन बारिश के दोनों में घायल होते थे।
इसके लिए पिछले साल राजा तिवारी ने रेडियम बेल्ट बांधकर गौ वंश को बचाने का प्रयास किया था जिससे कुछ हद तक हादसों पर लगाम लगी थी परंतु पूरी तरह रोक नहीं लगा पाए थे शासन प्रशासन की मदद से इस वर्ष हजारों गया को गौ शाला पहुंचाकर हजारों आम जनता की और गौ वंश की जिंदगी को घायल होने से बचाया ।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका…..
इस अभियान में समाजसेवी संतोष पारीख, अनुविभागीय दंड अधिकारी विजय राय, तहसीलदार नितिन जोड़, नायब तहसीलदार आलोक भद्र एवं कीर्ति प्रधान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्रुति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन, मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमर सिंह उइके, समाजसेवी दीपक दीपक पालीवाल, प्रवीण पाणिकर, पत्रकार राजा तिवारी, अक्षत राजपूत, प्रवीण अवस्थी, ईश्वरदास जमींदार, नरेश जायसवाल, तुषार लोवंशी, अतुल बकोरिया, कान्हा शर्मा, कमलेश लोवंशी, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन पालीवाल एवं डॉ. उत्कर्ष भारद्वाज सहित पुलिस प्रशासन, राजस्व अमला, ग्राम सचिव, रोजगार सहायक, कोटवार, गौसेवक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग दिया ।

