

नर्मदापुरम / समाजसेवा, कला, साहित्य, संस्कृति को सर्मपित संस्था नर्मदा आव्हान सेवा समिति व्दारा अखिल भारतीय काव्य महोत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन होटल महामाया सतना मे दो सत्रो में सम्पन्न हुआ।
शुभारंभ मां शारदे की पूजन और वंदना से हुआ। संस्था प्रमुख कैप्टन करैया ने स्वागत भाषण मे समिति की गतिविधि से अवगत कराते हुए कहां की भारत की समृद्ध साहित्यिक विरासत को जीवित रखने की दिशा में यह हमारा प्रयास है।
वरिष्ठ समाज सेवी, महापौर योगेश ताम्रकार ने बतौर मुख्यातिथि अपने उद्बोधन में कहा कि सतना साहित्य की धरा है यहां के लोग कविता प्रेमी हैं। यहां बड़े बड़े कवि सम्मेलन होते रहे। नर्मदा आव्हान सेवा समिति ने सतना में काव्य महोत्सव आयोजित कर एक साथ विभिन्न प्रांतों के रचनाकारों को जोड़कर सतना की माटी को और भी सुगंधित कर दिया। श्री ताम्रकार ने आगामी दिनों में बड़े आयोजन का आश्वासन देकर काव्य महोत्सव के सफल आयोजन की बधाई दी। वहीं अंतरराष्ट्रीय कवि मनोहर मनोज ने अध्यक्षयी वक्तव्य में आगंतुक समस्त कवियों को बधाई दी और आयोजन समिति को कार्यक्रम की शुभकामनाएं दी। वहीं अतिथियों में अनिल मिश्रा,प्रभात झा,शंकर बटोही मंचासीन रहे। पूरे दिन भर चला अखिल भारतीय काव्य महोत्सव, सम्मान समारोह देर शाम सम्पन्न हुआ।
देश के 45 सुप्रसिद्ध रचनाकारो ने अपनी ओजस्वी वाणी, हास्य-व्यंग्य और श्रृंगार रस की कविताओं से साहित्य की अद्भुत छटा बिखेरी काव्य पाठ उपरांत नर्मदा आव्हान सेवा समिति नर्मदापुरम ने अतिथियों की उपस्थिति मे सभी कवियों को स्मृति चिन्ह एवं साहित्य मनीषी सम्मान से अंलकृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनोद सनोडिया एवं सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने किया एवं आभार आजाद वतन वर्मा ने माना।

