
सिवनी मालवा / नगर की काशी गली में शनिवार की रात को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नंदी सांड सुरेश कुशवाहा के मकान की सीढ़ियों के द्वारा छत पर चढ़ गया और छत से ऋषि यादव के टीन शेड पर कूद गया। टीन शेड 12- 13 फिट ऊंचा होने के कारण नंदी सांड को नीचे उतरने का रास्ता नहीं मिला। ओर भीड़ को देखकर नंदी सांड भयभीत हो गया।हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दीपक दीक्षित को सूचना दी।
सूचना मिलते ही दीपक दीक्षित तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से नंदी सांड को सुरक्षित नीचे उतारने की योजना बनाई। पार्षद प्रतिनिधि दीपक दीक्षित ने रोटी का लालच देकर नंदी सांड को पास बुलाया और रस्सी से बांधकर नंदी सांड को काबू में किया गया। इसी दौरान मानवता का परिचय देते हुए बालाराम कुशवाहा ने अपने टेंट हाउस से एक ट्रॉली भर गद्दे लेकर आए। बाद में हाइड्रोलिक की सहायता से ट्रॉली को ऊपर ले जाकर नंदी सांड का सुरक्षित नीचे उतारा गया। सभी के संयुक्त प्रयासों से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद नगरपालिका का कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि नंदी सांड के सुरक्षित नीचे उतारे जाने के बाद नगरपालिका के कुछ कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे नागरिकों में नाराजगी देखने को मिली।
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दीपक दीक्षित ने भी नगरपालिका की निंदा करते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में नगरपालिका की त्वरित कार्रवाई आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य नहीं किया जाए तो गंभीर हादसे हो सकते थे। इस मामले में दीपक दीक्षित ने कहा कि नगरपालिका की लापरवाही की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की जाएगी।
रेस्क्यू अभियान में रामसेवक केवट, प्रमोद कुशवाहा, सुरेश कुशवाहा, वेदू भारद्वाज, रीतिक शर्मा, अनमोल लोवंशी सहित अनेक स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहयोग किया और मानवता की मिसाल पेश की। वार्डवासियों ने सभी सहयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग और तत्परता के कारण एक बेजुबान पशु की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।

