

नर्मदापुरम / सिवनी मालवा / आज का समय सोशल मीडिया का है लेकिन इसका उपयोग सावधानी पूर्वक करके हम सभी इसके दुष्परिणामो से बच सकते है। उक्त बात न्यायाधीश सुश्री अंजली अग्रवाल ने ग्राम बांकाबेडी के शासकीय हाई स्कूल में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर मे विद्यार्थियों से कही। न्यायाधीश अग्रवाल ने कहा कि आज सबसे ज्यादा मोबाइल का उपयोग हो रहा है। सारे काम मोबाईल से हो रहे है। लेकिन जहां यह आम जीवन का सबसे बड़ा साधन और उपयोगी है वहीं इसके दुष्परिणाम भी है। इसका उपयोग हम सभी को सावधानी पूर्वक करना चाहिए। जिससे हम इसके दुष्परिणामो से बच सके। उन्होंने छात्राओं को सामान्य महिला कानून की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाये अपने पेरो पर खड़े होकर आत्म निर्भर बने जिसके लिए शिक्षा आवश्यक है। कानून में महिलाओ को बहुत अधिकार प्राप्त है। उन्होंने छात्राओं को घरेलू हिंसा, घरेलू हिंसा, पासको एक्ट, गुड़ टच बेड टच की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को विस्तृत रूप से केरियर मार्गदर्शन के विषय मे बताया। न्यायाधीश सुश्री अग्रवाल ने विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या घनत्व के विषय मे भी बताया और सभी को बालश्रम आदि पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि न्यायालय मे लोक अदालतों का आयोजन समय समय पर किया जाता है। जिसमे पक्षकार न्यायालय मे चल रहे अपने प्रकरणो मे आपसी राजीनामा करके अपने प्रकरण समझौता के आधार पर समाप्त करा सकते है।
लोक अदालत में राजीनामा बाद समाप्त हुए प्रकरणो की कही अपील नही होती है……
उन्होंने यह भी बताया कि जिस पक्षकार के पास अपने मामले मे अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए आर्थिक सुलभता नही है तो वह न्यायालय के माध्यम से विधिक सहायता से अपना अधिवक्ता नियुक्त करा सकता है। जो निःशुल्क प्रकरण मे पैरवी करते है। इस अवसर पर न्यायाधीश सुश्री अग्रवाल ने विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा कानून के संबंध मे पूछे गये सवालों का सटीक कानूनी जबाब देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओ का समाधान किया। न्यायाधीश अग्रवाल ने विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया। शिविर में विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती रेखा कुल्हारे, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहें।

