
नर्मदापुरम / नगरपालिका परिषद नर्मदापुरम इन दिनों भ्रष्टाचार का गढ़ बनती नज़र आ रही है। यहाँ पर पदस्थ रहने वाले कारिंदे ही दीमक की तरह नपा को चट करने में लगे हैं। गौरतलब रहे कि नपा नर्मदापुरम में जितने भी अफसर अब तक आए उनकी छत्रछाया में यहां भ्रष्टाचार पनपता रहा ।इस कार्यालय में पदस्थ रहने वाले कुछ कर्मचारियों ने नपा को दीमक की तरह चट कर दिया । कुछ तो नगर में अतिक्रमण कराकर कमा रहे हैं तो कुछ दलालों के माध्यम से मकानों, भवनों की एनओसी दिलाने के नाम पर लाखों कमा रहे हैं। इतना ही नहीं समाचार पत्रों को दिये जाने वाले निविदा टेंडर के विज्ञापनों में भी खेल किया जा रहा है। अभी हाल में ही नगरपालिका में 7.79 करोड़ के राजस्व घोटाले में करने वाले दो लोगो पर हुई एफआईआर इस भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने दो कंप्यूटर आपरेटरों पर धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज किया गया है। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष अभय वर्मा की करीब एक वर्ष पहले की गई शिकायत पर जांच पूरी होने के बाद कोतवाली पुलिस ने 10 जुलाई 2026 की रात 11:42 बजे नगर पालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता और हरीश गोस्वामी के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी धन में गबन सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है एफआई आर के अनुसार 1 अप्रैल 2019 से 23 अगस्त 2023 के बीच नगर पालिका के राजस्व संग्रह में कथित रूप से 7.79 करोड़ रुपये की हेराफेरी कर शासकीय राशि का गबन किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

