


नर्मदापुरम / भारतीय किसान संघ द्वारा मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है, इसी तारतम्य में आज भारतीय किसान संघ नें शासन और प्रशासन से भिक्षा मांगकर प्रदर्शन किया गया है, इस दौरान किसान हाथ में कटोरा लेकर शासन प्रशासन के समक्ष आए, और भजन गाकर शासन प्रशासन से भीख मांगी ।
भीख मांगकर करेंगे गुजारा, सरकार नहीं खरीद रही मूंग…
भारतीय किसान संघ के आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान नें बताया कि भारतीय किसान संघ का 3 दिन से आंदोलन अनवरत् जारी है, किसान अपनें खर्च से खाना बना रहा है, टेंट लगा है, कूलर लगे है जिससे किसानों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े, लेकिन शासन नें किसानों की मूंग की खरीदी की घोषणा नहीं की, किसानों का गेंहूं का भुगतान नहीं हुआ जो 2 महीनें पहले किसानो नें बेचा था, अब आगामी समय में आंदोलन आगे बढ़ानें के लिए पैसे किसानों के पास नहीं है, इसलिए हमनें भिक्षा मांगकर शासन प्रशासन से सहयोग मांगा है, और यह बताया है कि आप मूंग नहीं खरीद रहे तब तक हमारा पेट पाल लें । ताकि अन्नदाता भूखा न रहे ।
किसान अन्नदाता, प्रजापालक है….
भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री देवेन्द्र पटेल नें बताया कि किसान अन्नदाता और प्रजापालक है, अन्न का उत्पादन करके प्रजा के उदर का पालन पोषण करता, लेकिन आज अन्नदाता के पास स्वयं के पालन पोषण के लिए भी पैसे नहीं हे ऐसी स्थिति में वह परिवार को छोड़कर आंदोलन करनें के लिए बैठा है, लेकिन शासन द्वारा कोई भुगतान नहीं होनें से किसान परेशान है वह आंदोलन का खर्च कैसे उठाएगा, इसलिए हमनें भिक्षा मांगकर शासन प्रशासन से सहयोग मांगा है ।
किसानों नें मेहनत करके मूंग का उत्पादन किया….
भारतीय किसान संघ के जिला सहमंत्री रजत दुबे नें बताया कि किसानों नें गर्मी भर मेहनत करके मूंग का बंपर उत्पादन किया है, 4-5 क्विंटल प्रति एकड़ मूंग का उत्पादन किया है लेकिन सरकार नें घोषित उपार्जन 1 क्विंटल 20 किलो तय किया जोकि बहुत कम है, ऐसे में किसानों को औने पानैं दामों में मंडी में बेचना पड़ेगा, मंडी के भाव भी 4500-5000 रूपये चल रहे है जिससे लाखों रूपये का फटका लगेगा, सरकार शीघ्रता से शत प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा करें ।
यह रहे उपस्थित…..
भारतीय किसान संघ के आंदोलन में डोलरिया, नर्मदापुरम् और इटारसी के कार्यकर्ता धरना आंदोलन में शामिल रहे। जिसमें संभागीय मंत्री देवेन्द्र पटैल, जिला सहमंत्री रजत दुबे, आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान, श्रीराम दुबे, डोलरिया तहसील अध्यक्ष बदामीलाल साध, विनोद दुबे, राजकुमार राजपूत, श्यामशरण तिवारी, शरद पटैल, अविनेश चौधरी, सुभाष साध, राजेश साध, पन्नालाल गौर, ब्रजकिशोर लोवंशी आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

